
डिजिटल आई.डी. या किसान पहचान पत्र में किसानों का विवरण, उपलब्ध भूमि एव बोयी गयी फसलों का सम्पूर्ण विवरण उपलब्ध होगा। फार्मर रजिस्ट्री अन्तर्गत समस्त खाता धारकों का सम्पूर्ण विवरण खसरा नम्बर में हिस्सेदारी सहित तैयार कर प्रत्येक किसान की एक यूनिक आई-डी जेनरेट की जानी है, जिसका उद्देश्य किसानों की जानकारी को डिजिटल रूप में रजिस्टर करना है, जिससे उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त हो सके।
पात्र कृषकों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के रूप में आर्थिक सहायता प्रदान करना ।
सरकारी योजनाओं को पारदर्शी रूप में समयानुसार कृषकों को लाभ पहुँचाना।
कृषकों की सही जानकारी प्राप्त होने से सरकार द्वारा विभिन्न सरकारी नीतियों का नियोजन/निर्धारण किया जाना।
कृषकों को तकनीकी रूप से जागरूक कर डिजिटल उपकरणों के प्रयोग की जानकारी प्रदान करना ।
कृषकों को कृषि सब्सिडी, ऋण एवं विभिन्न बीमा योजनाओं का लाभ प्रदान करना।
विभिन्न कृषि योजनाओं एवं किसान कल्याण कार्यक्रमों का विभिन्न स्तरों से अनुश्रवण (Monitoring) किया जाना ।
फार्मर रजिस्ट्री हेतु रजिस्ट्रेशन का कार्य निम्नांकित तरीकों से किया जा सकता है-
1. किसान के द्वारा स्वंय वेब पोर्टल ukfr.agristack.gov.in/farmer-registry-uk एवं मोबाईल एप के माध्यम से पंजीकरण।
2. राज्य सरकार के द्वारा आयोजित शिविरों के माध्यम से किसान पंजीकरण।
3. कृषि विभाग द्वारा किसान पंजीकरण।
4. CSC ऑपरेटर द्वारा किसान पंजीकरण।
फार्मर रजिस्ट्री हेतु आवश्यक दस्तावेज-
1. आधार कार्ड
2. खतोनी
3. मोबाईल नम्बर (आधार से लिंक)
अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र ने संबंधित विभागों के अधिकारियो को निर्देशित किया कि ग्राम पंचायत स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार कर किसानों को फॉर्मर रजिस्ट्री के लाभों की जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि फॉर्मर रजिस्ट्री शासन की महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से किसानों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं सीधे रूप से उपलब्ध कराया जाएगा, अतः सभी अधिकारी लक्ष्य के अनुरूप समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें।

