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घर बनाने का सपना हुआ और मेंहगा

Ramesh Kuriyal
2 Min Read

देहरादून। जिंदगी में हर व्यक्ति का अपना घर बनाने का सपना होता है लेकिन बढ़ते दामों के बीच अब घर बनाना पहले से भी अधिक कठिन हो गया है, सरिया सीमेंट और रेत के आसमान छूते दामों ने गरीब लोगों के आशियाना बनाने के सपने को और मेहंगा कर दिया है। उत्तराखंड में अगर आप सपनो का घर बनाना चाहते है तो आपके लिए काम का खबर है। क्योकि अब सपनो का आशियाना बनाना और महंगा हो गया है। उत्तराखंड सरकार ने हिमाचल प्रदेश से रेत, बजरी व बोल्डर लाने पर रोक लगा दी है। जिससे अब रेत, सरिया, ईट के रेट बढ़ गए है। अब आपको इसकी आपको ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी। तो वहीं उत्तराखंड के खनन कारोबारियों को लाभ मिलने की संभावना है।

बता दें कि दून में रेत 40 रुपये प्रति टन महंगी हो गई है। हिमाचल से सप्लाई के दौरान रेत का एक टन 80 रुपये का था जो अब 120 रुपये तक पहुंच गया है। सरिया की कीमतों में पहले से ही जबदरस्त उछाल है। दून में सरिया के दाम 1500 रुपये बढ़ गए हैं इसके साथ 8200 रुपये कुंतल पहुंच गया है।अब ईंट के एक ट्रक के रेट 4500 से 5000 के बीच थे। अब यह रेट 5000 से 6000 के बीच हो गए हैं।

गौरतलब है कि राज्य में हर दिन बड़ी मात्रा में हिमाचल प्रदेश से रेत, बजरी और बोल्डर की आपूर्ति होती है। लेकिन राज्य सरकार के इस फैसले से ट्रांसपोर्टरों में काफी नाराजगी है। ट्रांसपोर्टरों का कहना है किसुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार रेत, बजरी और बोल्डर की आपूर्ति देशभर में कहीं भी नियमों के तहत की जा सकती है। लेकिन राज्य सरकार ने गलत कदम उठाया है। जिसके लिए मुख्यमंत्री पुष्कर धामी को ज्ञापन भेज आधिकारियों पर चेहतों को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाते हुए फैसला बदलने की अपील की है।

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