
कैंपस में जागरुकता रैली निकाल कर नेत्र स्वास्थ्य के प्रति किया गया जागरूक
मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी (टीएमयू) के कॉलेज ऑफ एलाइड एंड हेल्थकेयर साइंसेज में विश्व ऑप्टोमेट्री दिवस ए शेयर्ड विज़नः इन्नोवेशन, कोलैबोरेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप इन ग्लोबल आई केयर पर ओरल प्रजेंटेशन, मॉडल, मेहंदी, पोस्टर और क्विज़ प्रतियोगिताएं हुईं। ओरल प्रजेंटेशन में बैचलर ऑफ ऑप्टोमेट्री- बीऑप्टाम सेकेंड ईयर की सहरिश खान विजेता रहीं।
मॉडल प्रतियोगिता में डिप्लोमा सेकेंड ईयर के स्टुडेंट्स- अनमता, हिमांशु यादव, विशाल और हिमांशु का ग्रुप अव्वल रहा। मेहंदी प्रतियोगिता में बीऑप्टाम फर्स्ट ईयर की युमन हुदा ने बाजी मारी। पोस्टर प्रतियोगिता में बीऑप्टाम फर्स्ट ईयर की प्रियांशी मित्तल अव्वल रहीं, जबकि क्विज़ प्रतियोगिता में बीऑप्टाम सेकेंड ईयर के स्टुडेंट्स- मिर्जा मुजस्सिर, अलीशा, अंशु सैनी, खुशी और फर्स्ट ईयर के मो. रोमान का ग्रुप विजेता रहा।
इससे पूर्व, कॉलेज ऑफ एलाइड एंड हेल्थकेयर साइंसेज के प्रिंसिपल प्रो. नवनीत कुमार, बीएमएलटी की एचओडी प्रो. रुचिकांत, फॉरेंसिक साइंसेज के एचओडी 00रवि कुमार, रेडियोलॉजी के एचओडी अमित बिष्ट आदि ने कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। पोस्टर प्रस्तुति में डॉ. रुचिकांत, मौखिक प्रस्तुति में अमित बिष्ट, मॉडल प्रस्तुति में रवि कुमार ने निर्णायक की भूमिका निभाई।
दूसरी ओर बैचलर ऑफ ऑप्टोमेट्री और डिप्लोमा इन ऑप्टोमेट्री के स्टुडेंट्स ने कैंपस में जागरुकता रैली निकाल कर नेत्र स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता फैलाना और नियमित दृष्टि जांच के महत्व को जन-जन तक पहुंचाना रहा। रैली की थीम आई केयर ऐवरीव्हेर रही। प्राचार्य प्रो. नवनीत कुमार ने एलाइड हेल्थकेयर कोर्सेज के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा, एलाइड हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की रीढ़ हैं और ऑप्टोमेट्री इस प्रणाली का अभिन्न अंग है। वर्तमान समय में स्वास्थ्य सेवाओं में ऑप्टोमेट्री की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है, क्योंकि बढ़ते डिजिटल उपयोग, बदलती जीवनशैली और पर्यावरणीय कारणों से नेत्र संबंधी समस्याओं में निरंतर वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा, एक कुशल ऑप्टोमेट्रिस्ट न केवल दृष्टि दोषों का सुधार करता है, बल्कि समय पर रोगों की पहचान कर मरीजों को उचित उपचार की दिशा भी प्रदान करता है।
प्रो. नवनीत ने स्टुडेंट्स को अपने ज्ञान और कौशल को निरंतर विकसित करने, नवीन तकनीकों को अपनाने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने के लिए प्रेरित किया। साथ ही स्टुडेंट्स से बोले, केवल एक डिग्री प्राप्त करने तक सीमित न रहें, बल्कि एक संवेदनशील और जिम्मेदार स्वास्थ्य पेशेवर बनें, जो समाज में नेत्र स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाए। ऑप्टोमेट्री विभाग फैकल्टी अंकित शर्मा ने कार्यशाला के जरिए स्टुडेंट्स को विभिन्न प्रकार के चश्मों की फिटिंग के बारे में व्यावहारिक जानकारी प्रदान की।
वर्कशॉप में स्टुडेंट्स ने स्वयं भी फिटिंग का अभ्यास करने के संग-संग सवाल-जवाब भी किए। ओरल प्रजेंटेशन में एमऑप्टॉम की हिमांशी राणा सेकेंड, डिप्लोमा का आध्यात्म जैन ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। मेंहदी में बीऑप्टाम के उत्कृष्ट दूसरे स्थान पर रहे। पोस्टर प्रतियोगिता में युमन हुदा ने सेकेंड, रबजोत सिंह गुलाटी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम में ऑप्टोमेट्री विभाग के सौरभ बिष्ट, श्रेया ठकराल, कमल कुमार, सिद्धांत शुक्ला, शिवम पांडे, योगेश कुमार के संग-संग 230 छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

