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कर्नल अजय कोठियाल : त्याग और जनसेवा की मिसाल

Ramesh Kuriyal
2 Min Read

देहरादून, उत्तराखंड —
हमें यह जानकर अत्यंत गर्व और संतोष हो रहा है कि उत्तराखंड सरकार में सैनिक कल्याण मंत्रालय में नियुक्त हुए कर्नल अजय कोठियाल जी ने राज्य के पहले ऐसे राज्य मंत्री बनने का गौरव प्राप्त किया है, जिन्होंने सरकारी वेतन और सुविधाएँ लेने से स्पष्ट मना कर दिया।

उन्होंने यह प्रस्ताव रखा है कि जो वेतन और लाभ उन्हें सरकार द्वारा प्रस्तावित हैं, वे सीधे जनकल्याण और सैनिक कल्याण कार्यों में खर्च किए जाएँ। यह एक ऐसा त्याग है, जो वर्तमान राजनीति में दुर्लभ है और एक आदर्श स्थापित करता है।

हम मानते हैं कि यदि सभी राज्य मंत्री इस तरह की पहल करें तो सरकार पर आर्थिक भार भी कम होगा और जनता का विश्वास भी बढ़ेगा।

कर्नल कोठियाल जी ने 2013 की केदारनाथ त्रासदी के बाद जिस समर्पण से केदारघाटी का पुनर्निर्माण किया, वह आज भी उत्तराखंड की जनता के हृदय में जीवित है। अब, सैनिक कल्याण मंत्री के रूप में उनका यह त्याग और सेवा भाव, एक बार फिर यह सिद्ध करता है कि वे पद के नहीं, कर्तव्य और सेवा के व्यक्ति हैं।

हरेला पर्व के इस पावन अवसर पर हम सभी उन्हें शुभकामनाएँ देते हैं और आशा करते हैं कि उनका यह भाव, पूरा उत्तराखंड हरा-भरा, अनुशासित और आत्मनिर्भर बनाने में सहायक सिद्ध होगा।

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