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चार अशासकीय विद्यालयों में अनियमितताओं की जांच अब सीबीसीआईडी को सौंपा गया मामला, टीम ने किया स्थलीय निरीक्ष

जनपद के चार अशासकीय विद्यालयों में सामने आई नियुक्ति और वित्तीय अनियमितताओं के मामले की जांच अब सीबीसीआईडी को सौंप दी गई है। विभागीय जांच में नियमों के विरुद्ध शिक्षकों और कर्मचारियों की नियुक्ति तथा वित्तीय गड़बड़ियों का खुलासा होने के बाद मामला पहले पुलिस के पास था, लेकिन अब इसकी विस्तृत जांच सीबीसीआईडी करेगी।

सीबीसीआईडी टीम ने जांच की प्रक्रिया शुरू करते हुए मुख्यालय पहुंचकर एक विद्यालय का स्थलीय निरीक्षण भी किया है। वहीं कोतवाली पुलिस ने मामले से संबंधित सभी दस्तावेज सीबीसीआईडी टीम को सौंप दिए हैं। अब टीम दस्तावेजों के परीक्षण और संबंधित पक्षों से पूछताछ के आधार पर पूरे प्रकरण की गहन जांच करेगी।

जानकारी के अनुसार जनपद के जनता इंटर कॉलेज जखेटी, इंटर कॉलेज डांगीधार, इंटर कॉलेज गढ़कोट मांडलु और उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोटागढ़ में नियमों के विरुद्ध शिक्षकों व कर्मचारियों की नियुक्ति और वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा विभागीय जांच में हुआ था। क्षेत्र के एक सामाजिक कार्यकर्ता की शिकायत पर इस मामले की एसआईटी जांच की जा रही थी, जिसे अब सीबीसीआईडी को हस्तांतरित कर दिया गया है।

पयासू गांव निवासी सामाजिक कार्यकर्ता राजेश सिंह राजा कोली का आरोप है कि जनता इंटर कॉलेज जखेटी में लिपिक पद पर नियमों के विरुद्ध नियुक्ति की गई। नियमानुसार प्रबंध समिति से जुड़े पदाधिकारी या सदस्य के परिजनों की नियुक्ति नहीं हो सकती, लेकिन यहां प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष की पत्नी को लिपिक पद पर नियुक्त कर दिया गया।

उन्होंने बताया कि अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा, गढ़वाल मंडल की जांच में यह भी सामने आया कि वर्ष 2017 में बनाए गए 46 प्रबंध समिति सदस्यों की आजीवन सदस्यता शुल्क चंदा खाते में जमा कर दी गई, जबकि नियमानुसार यह राशि रख-रखाव खाते में जमा होनी चाहिए थी। इतना ही नहीं, श्रीनगर की एक महिला ने स्वयं को विद्यालय की प्रबंध समिति का सदस्य होने से इनकार किया, जबकि रिकॉर्ड में उन्हें फर्जी तरीके से आजीवन सदस्य दर्शाया गया है।

इसके अलावा इंटर कॉलेज गढ़कोट मांडलु में सहायक अध्यापक (हिंदी) की नियुक्ति साक्षात्कार के दो वर्ष बाद की गई, जबकि तत्कालीन मुख्य शिक्षा अधिकारी (सीईओ) ने इस पर असहमति दर्ज की थी।
वहीं उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोटागढ़ में एक सहायक अध्यापिका की नियुक्ति फर्जी जाति प्रमाणपत्र के आधार पर किए जाने का मामला सामने आया है।

इसी तरह इंटर कॉलेज डांगीधार में लिपिक पद पर नियुक्ति को लेकर भी विवाद है। आरोप है कि नियुक्त सहायक अध्यापिका मायके से सामान्य वर्ग की हैं, लेकिन उन्हें ससुराल पक्ष से जारी ओबीसी प्रमाणपत्र के आधार पर नियुक्ति दी गई।

सीबीसीआईडी निरीक्षक देवेंद्र असवाल ने बताया कि जांच के तहत जनता इंटर कॉलेज जखेटी का स्थलीय निरीक्षण किया गया है। मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच और संबंधित पक्षों से पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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