
हल्द्वानी। बनभूलपुरा में रेलवे भूमि पर अतिक्रमण हटाने से पहले सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसी कड़ी में रविवार को राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और जिला प्रशासन की टीम ने क्षेत्र का निरीक्षण किया और डीएम कार्यालय में बैठक कर आगे की रणनीति तय की।
बैठक में निर्णय लिया गया कि पात्र लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के लिए बनभूलपुरा क्षेत्र में छह स्थानों पर शिविर लगाए जाएंगे। ये शिविर 20 मार्च से 31 मार्च 2026 तक आयोजित किए जाएंगे, जहां पात्र लाभार्थियों से आवेदन पत्र भरवाए जाएंगे।
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव प्रदीप कुमार मणि त्रिपाठी ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र लोगों को आवेदन के लिए आमंत्रित किया जाएगा। प्रत्येक शिविर में रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी और आरपीएफ की टीम भी मौजूद रहेगी। 17 मार्च से विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम घर-घर जाकर आवेदन फार्म वितरित करेगी। शिविरों में भी पर्याप्त संख्या में फार्म उपलब्ध कराए जाएंगे।
बैठक में एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के उप सचिव अभिषेक कुमार श्रीवास्तव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल की सचिव पारुल थपलियाल, पुलिस अधीक्षक मनोज कत्याल, सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी, नगर निगम आयुक्त परितोष वर्मा सहित रेलवे के एडीआरएम मनोज कुमार, सुरक्षा प्रभारी पवन और बृजेश कुमार वीसी के माध्यम से जुड़े।
इन स्थानों पर लगेंगे शिविर
बनभूलपुरा में रेलवे स्टेशन हल्द्वानी, अंजुमन इस्लामिया बालिका पूर्व माध्यमिक विद्यालय किदवई नगर, राजकीय प्राथमिक विद्यालय बनभूलपुरा, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज बनभूलपुरा, राजकीय इंटर कॉलेज बनभूलपुरा और मदरसा नैनीताल पब्लिक स्कूल में 20 से 31 मार्च तक शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित आवेदन पत्र जमा किए जाएंगे।
पार्षद और सामाजिक कार्यकर्ताओं के जरिए होगा प्रचार
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी स्थानीय पार्षदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के माध्यम से व्यापक रूप से लोगों तक पहुंचाई जाए। फार्म वितरण से जुड़ी सभी जानकारी को सूचना पंजिका में दर्ज किया जाएगा और इसकी लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी। फार्म वितरण से पहले संबंधित टीमों को 16 मार्च को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ऐसे मिलेगा लाभ
1. लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास निर्माण
इस योजना के तहत ऐसे शहरी गरीब परिवारों को सहायता दी जाती है जिनके पास जमीन तो है, लेकिन घर बनाने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। पात्र लाभार्थियों को केंद्र सरकार की ओर से 2.25 लाख रुपये और राज्य सरकार की ओर से 50 हजार रुपये की सहायता दी जाती है। इसके लिए परिवार की वार्षिक आय तीन लाख रुपये से कम होनी चाहिए।
2. ब्याज सब्सिडी के साथ किफायती आवास
ईडब्ल्यूएस, एलआईजी और एमआईजी वर्ग के लोगों को बैंक या हाउसिंग फाइनेंस कंपनी से लिए गए गृह ऋण पर अधिकतम 1.80 लाख रुपये तक की ब्याज सब्सिडी दी जाती है। इसके तहत अधिकतम 25 लाख रुपये तक का ऋण और 35 लाख रुपये तक की कीमत वाले मकान पर यह सुविधा लागू होती है। आवेदक ने पिछले 20 वर्षों में किसी आवासीय योजना का लाभ नहीं लिया होना चाहिए।
3. भागीदारी में किफायती आवास
इस प्रावधान के तहत राज्य सरकार, विकास प्राधिकरण या निजी क्षेत्र के सहयोग से किफायती आवास परियोजनाएं विकसित की जाती हैं। ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए तय कीमत पर फ्लैट उपलब्ध कराए जाते हैं, जिनमें केंद्र और राज्य सरकार दोनों की आर्थिक सहायता शामिल रहती है।
4. अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग कॉम्प्लेक्स
इस योजना के तहत शहरी गरीब, मजदूर, कामकाजी महिलाएं और औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को रोजगार स्थल के पास किराये पर किफायती आवास उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाती है।
रेलवे भूमि अतिक्रमण का मामला
बनभूलपुरा में रेलवे भूमि पर अतिक्रमण का मामला पिछले करीब 10 वर्षों से हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक लंबित है। रेलवे ने इस क्षेत्र की करीब 31 हेक्टेयर भूमि पर दावा किया है। यहां लगभग 4365 घर बने हुए हैं, जिनमें करीब 50 हजार लोग निवास करते हैं। क्षेत्र में चार मदरसे, लगभग 20 मस्जिदें और पांच मंदिर भी स्थित हैं। इसके अलावा पांच सरकारी विद्यालय और एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी मौजूद है।
मामले में 24 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी, जिसके बाद प्रशासन ने अतिक्रमणकारियों के पुनर्वास की प्रक्रिया तेज कर दी है। यदि रेलवे को यह भूमि मिलती है, तो यहां हल्द्वानी रेलवे स्टेशन के विस्तार की योजना को आगे बढ़ाया जाएगा।


