नई टिहरी। टिहरी मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर टिहरी की जनता पिछले कई दिनों से आंदोलनरत है, लेकिन सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की ओर से अब तक कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया है। टिहरी मेडिकल कॉलेज को लेकर पूर्व में किए गए वादों और दावों पर सवाल उठाते हुए उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव राकेश राणा ने टिहरी विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री किशोर उपाध्याय पर तीखा हमला बोला है।
राकेश राणा ने कहा कि टिहरी मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर जब टिहरी की जनता आंदोलन कर रही थी, तब मुख्यमंत्री आवास पर मुख्यमंत्री, किशोर उपाध्याय, टिहरी विधायक तथा स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के बीच त्रिपक्षीय वार्ता हुई थी। वार्ता के बाद किशोर उपाध्याय ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि पहली ही कैबिनेट में टिहरी मेडिकल कॉलेज को स्वीकृति मिल जाएगी।
उन्होंने कहा कि इसके बाद 7 अगस्त 2026 को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक हुई। इस कैबिनेट बैठक को लेकर टिहरी जनपद की जनता की निगाहें टिकी हुई थीं और लोगों को उम्मीद थी कि किशोर उपाध्याय द्वारा किए गए दावे के अनुरूप टिहरी मेडिकल कॉलेज को स्वीकृति मिलेगी। लेकिन कैबिनेट की बैठक समाप्त होने के बाद मेडिकल कॉलेज को लेकर कोई निर्णय अथवा घोषणा सामने नहीं आई।
राकेश राणा ने कहा कि “पहली कैबिनेट में स्वीकृति” का दावा करने वाले किशोर उपाध्याय जनता को यह बताएं कि आखिर टिहरी मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति कहां है? टिहरी की जनता कई दिनों से आंदोलन कर रही है और मेडिकल कॉलेज जैसी महत्वपूर्ण मांग को लेकर लोगों में लगातार निराशा बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि जनता को आश्वासन देना और फिर उस आश्वासन पर खरा न उतरना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। किशोर उपाध्याय को टिहरी की जनता को गुमराह करने के बजाय जनता के सामने स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और यदि उनका दावा पूरा नहीं हुआ है तो जनता से माफी मांगनी चाहिए।
राकेश राणा ने कहा कि टिहरी मेडिकल कॉलेज कोई राजनीतिक घोषणा या चुनावी जुमला नहीं, बल्कि टिहरी जनपद की वर्षों पुरानी और जनस्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर आवश्यकता है। पहाड़ी क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए देहरादून या अन्य मैदानी क्षेत्रों पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में टिहरी में मेडिकल कॉलेज की स्थापना यहां की जनता के लिए अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी टिहरी की जनता की इस जायज मांग के साथ मजबूती से खड़ी है। सरकार को बयानबाजी और आश्वासनों से आगे बढ़कर मेडिकल कॉलेज के संबंध में स्पष्ट समयबद्ध निर्णय और ठोस कार्यवाही करनी चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस महासचिव राकेश राणा ने कहा कि “जनता अब केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि मेडिकल कॉलेज की वास्तविक स्वीकृति और धरातल पर काम शुरू होते देखना चाहती है।” उन्होंने किशोर उपाध्याय से भी आग्रह किया कि वे टिहरी की जनता को बार-बार आश्वासन देने के बजाय मेडिकल कॉलेज की स्थिति पर तथ्यात्मक और स्पष्ट जानकारी जनता के सामने रखें।



