
गैस सिलिंडर की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति में कमी का सीधा असर अब आम लोगों की जेब पर दिखने लगा है। खासतौर पर छोटे चाय-नाश्ते के दुकानदारों के सामने लागत बढ़ने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है, जिसके चलते उन्हें अपने उत्पादों के दाम बढ़ाने पड़े हैं।
बाजार में सिलिंडर की किल्लत के कारण न केवल कीमतों में उछाल आया है, बल्कि पर्याप्त आपूर्ति भी नहीं हो पा रही है। ऐसे में चाय, समोसे, बिरियानी सहित अन्य खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ गए हैं।
स्थानीय दुकानदार आशीष के अनुसार, पहले 10 रुपये में मिलने वाली चाय अब 15 रुपये में बिक रही है, जबकि समोसे का दाम 15 रुपये से बढ़कर 18 रुपये हो गया है। वहीं, दुकानदार शुभम वर्मा ने बताया कि बिरियानी की कीमतों में भी बढ़ोतरी करनी पड़ी है। पहले 30 रुपये में मिलने वाली हाफ प्लेट अब 40 रुपये और 50 रुपये की फुल प्लेट अब 60 रुपये में बेची जा रही है।
पारंपरिक तरीकों की ओर लौटे दुकानदार
गैस की कमी से परेशान कई छोटे दुकानदार अब लकड़ी और कोयले जैसे पारंपरिक ईंधन का सहारा लेने लगे हैं। छोले-भटूरे विक्रेता रामब्रिज ने बताया कि उन्होंने सिलिंडर का इस्तेमाल काफी कम कर दिया है और अब घर पर लकड़ी व कोयले पर खाना बनाकर दुकान पर लाकर गर्म कर बेचते हैं।
दुकानदारों का कहना है कि बड़े होटल और कैफे तो गैस सिलिंडर का स्टॉक रख लेते हैं, लेकिन छोटे ठेले और टपरी संचालकों के पास ऐसी सुविधा नहीं होती। लगातार बढ़ती कीमतों और आपूर्ति की कमी के कारण कई छोटे व्यवसायियों को दुकान बंद करने तक की नौबत आ रही है।


