रुड़की। गर्मियों की छुट्टियों, शादी समारोहों और अन्य जरूरी कामों के चलते यात्रियों का रुझान तेजी से रेलवे सफर की ओर बढ़ गया है। इसका सीधा असर ट्रेनों में टिकट उपलब्धता पर देखने को मिल रहा है। रुड़की से चलने वाली अधिकांश ट्रेनों में कंफर्म टिकट मिलना अब बेहद मुश्किल हो गया है।
रेलवे स्टेशन और ट्रेवल एजेंसियों पर कंफर्म टिकट के लिए यात्रियों की भीड़ उमड़ रही है। यात्री बार-बार चक्कर काटने को मजबूर हैं, लेकिन अधिकांश ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट ही मिल रही है। कोलकाता एक्सप्रेस, बांद्रा एक्सप्रेस, हेमकुंड एक्सप्रेस और लखनऊ सुपरफास्ट जैसी प्रमुख ट्रेनों में सीटें पहले ही फुल हो चुकी हैं।
गर्मी के मौसम में परिवार के साथ समय बिताने और दूर-दराज में रहने वाले रिश्तेदारों के यहां शादी समारोहों में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में लोग यात्रा कर रहे हैं। यही वजह है कि रुड़की रेलवे स्टेशन के आरक्षण काउंटर पर रोजाना लंबी कतारें लग रही हैं।
यात्रियों को काउंटर पर पहुंचने के बाद पता चल रहा है कि अगले दो महीने तक कंफर्म टिकट मिलना मुश्किल है। फिलहाल यात्रियों को 50 से अधिक वेटिंग वाले टिकट ही मिल पा रहे हैं।
करीब दो हजार किलोमीटर तक के रूट पर चलने वाली 10 से अधिक ट्रेनों में सीटों की स्थिति बेहद खराब बनी हुई है। शाहजहांपुर, बाराबंकी, अयोध्या, वाराणसी, गया, धनबाद, कोलकाता चितपुर, मथुरा, कोटा, रतलाम, गोधरा, वडोदरा, सूरत, बोरीवली, पठानकोट, जम्मू तवी, वैष्णो देवी कटरा, लखनऊ, हरदोई और बरेली जैसे प्रमुख रूटों पर भी टिकट के लिए मारामारी की स्थिति है।
मुख्य आरक्षण पर्यवेक्षक राजू के अनुसार, स्कूल-कॉलेजों की छुट्टियों और शादी सीजन के चलते ट्रेनों में टिकट की मांग सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ गई है। यही कारण है कि अगले दो महीनों तक स्लीपर क्लास में भी कंफर्म टिकट मिलना बेहद कठिन हो गया है।



