उत्तरकाशी। जनपद मुख्यालय के समीप तिलोथ स्थित समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित डॉ. भीमराव अंबेडकर बालक एवं बालिका छात्रावास में रह रहे करीब 100 छात्र-छात्राओं ने दूषित एवं गुणवत्ताविहीन भोजन परोसने और अव्यवस्थित सफाई व्यवस्था के गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रों का कहना है कि पिछले दो महीनों से उन्हें खुले में लकड़ी के चूल्हे पर तैयार किया गया भोजन खाने को मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है।
छात्रों के अनुसार करीब दो माह पहले निविदा प्रक्रिया के तहत कैंटीन संचालक बदला गया था। इसके बाद से भोजन की गुणवत्ता लगातार खराब होती चली गई। आरोप है कि भोजन छात्रावास परिसर के बाहर गली में लकड़ी के चूल्हे पर तैयार किया जाता है, जहां दीवारों और आसपास से कीड़े दाल, चावल और सब्जियों में गिर जाते हैं। इसके बावजूद वही भोजन छात्रों को परोस दिया जाता है।
छात्र-छात्राओं का कहना है कि इस संबंध में उन्होंने बालक और बालिका छात्रावास अधीक्षकों को लिखित शिकायत भी दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद सोमवार को छात्र विकास भवन स्थित जिला समाज कल्याण कार्यालय पहुंचे, जहां भी उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
भोजन व्यवस्था के अलावा छात्रों ने छात्रावास में सफाई व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सफाई कर्मचारी नियमित रूप से नहीं आते, जिसके कारण छात्र-छात्राओं को स्वयं छात्रावास परिसर और नालियों की सफाई करनी पड़ी। उनका आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया।
इस मामले में जिला समाज कल्याण अधिकारी कुलदीप पंवार ने कहा कि उन्हें हाल ही में इस संबंध में जानकारी मिली है। उन्होंने बताया कि फिलहाल वह मुख्यालय से बाहर हैं। वापस लौटने के बाद छात्रावास का निरीक्षण किया जाएगा और कैंटीन संचालक से पूरे मामले में जवाब तलब कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।



