सेवा निवृत्त राजकीय पेंशनर्स संगठन उत्तराखंड की मासिक बैठक परेड ग्राउंड स्थित संघ भवन में संपन्न हुई। प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह कृषाली की अध्यक्षता और प्रदेश महासचिव चंद्र प्रकाश के संचालन में आयोजित इस बैठक में पेंशनरों की लंबे समय से लंबित समस्याओं पर चर्चा कर कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए।
बैठक में वक्ताओं ने प्रदेश के सभी छोटे-बड़े अस्पतालों में राज्य सरकार की गोल्डन कार्ड योजना को प्राथमिकता से लागू करने की मांग की। पेंशनर्स संघ ने शासन से मांग उठाई कि हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट समेत बकाया बिलों के कारण अटके अन्य सभी अस्पतालों का भुगतान जल्द से जल्द चुकता किया जाए, ताकि पेंशनरों को पूर्व की भांति सुचारू स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
बैठक में पारित प्रमुख प्रस्ताव:
निःशुल्क ओपीडी सुविधा: पेंशनरों ने ओपीडी (OPD) परामर्श पूरी तरह निःशुल्क करने की मांग उठाई। संघ का तर्क है कि ओपीडी सुविधा न मिलने से बुजुर्गों को सामान्य बीमारियों में भी विवश होकर अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है, जिससे राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण पर अनावश्यक आर्थिक बोझ बढ़ता है।
भुगतान प्रक्रिया का सरलीकरण: चिकित्सा प्रतिपूर्ति के देयकों की जटिल ऑनलाइन प्रक्रिया और आहरण-वितरण अधिकारी की कागजी व्यवस्था को तुरंत सरल बनाने की मांग की गई।
असाध्य रोगों में प्राथमिकता और अनुदान: कैंसर व किडनी जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे रोगियों को अस्पतालों में प्राथमिकता के आधार पर इलाज और सरकार द्वारा विशेष अनुदान देने की सिफारिश की गई।
2006 से पूर्व के शासनादेश लागू हों: चिकित्सा प्रतिपूर्ति के सुगम भुगतान के लिए 2006 से पूर्व की व्यवस्था के अनुरूप विभागों को अलग से बजट उपलब्ध कराने की मांग की गई।
35 हजार पेंशनरों को योजना से जोड़ने का मौका: पूर्व में गोल्डन कार्ड योजना से बाहर रह गए 35 हजार पेंशनरों को पुनः योजना में शामिल होने के लिए एक अंतिम अवसर देने का प्रस्ताव पास किया गया।
एम्स ऋषिकेश में अलग काउंटर: एम्स ऋषिकेश में उत्तराखंड के वरिष्ठ पेंशनरों के लिए अलग से समर्पित पंजीकरण व दवा काउंटर खोलने की मांग रखी गई।
इस दौरान संगठन के वरिष्ठ सदस्य आरएस परिहार, मनवर सिंह गुसाईं, सरदार रोशन सिंह, मोहन सिंह रावत, जबर सिंह पंवार, राजेंद्र सिंह गुसाईं, प्रेम चंद, शोभा पांडेय, बचनी रावत, रोजलिन, मोहन सिंह नेगी, हरिकृष्ण बडोनी, उमेश चंद्र डोभाल, वीपी सकलानी, सौकार सिंह असवाल, ओपी जुझेलिया, चंद्र किरण वर्मा, विजय सिंह रावत, सैयद राहत अली, मनोहर लाल सड़ाना, वीआर कोली, हुकम सिंह गुसाईं, दिनेश चंद्र बडोनी, हुकम सिंह पुंडीर और धनीराम सेमवाल सहित बड़ी संख्या में पेंशनर्स मौजूद रहे।



