
देहरादून। वाणिज्यिक सिलिंडर की आपूर्ति पर पाबंदी लगने के बाद अब शहर में घरेलू गैस सिलिंडर का धड़ल्ले से वाणिज्यिक उपयोग होने लगा है। प्रशासन की ओर से लगातार छापेमारी कर ऐसे सिलिंडर जब्त किए जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद कई दुकानदार नियमों की अनदेखी कर रहे हैं।
शनिवार को एक ओर जहां देहरादून में 67 हजार से अधिक घरों में गैस सिलिंडर का इंतजार बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर फास्ट-फूड की दुकानों और ढाबों में घरेलू सिलिंडर का खुलेआम उपयोग होता मिला। पटेलनगर से लेकर कारगी चौक तक की पड़ताल में सामने आया कि कई फास्ट-फूड दुकानों और रेहड़ियों पर घरेलू गैस सिलिंडर लगाए गए थे। कुछ दुकानदारों ने सिलिंडर को कपड़े या बोरे से ढककर छिपाने की कोशिश भी की थी।
दरअसल, वाणिज्यिक सिलिंडर की कीमत घरेलू सिलिंडर की तुलना में अधिक होती है। इसी कारण कुछ लोग खर्च बचाने के लिए वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में घरेलू सिलिंडर का उपयोग करते हैं, जो पूरी तरह अवैध है।
हाल ही में अंतरराष्ट्रीय हालात और आपूर्ति व्यवस्था को देखते हुए प्रशासन ने वाणिज्यिक सिलिंडर की आपूर्ति पर प्रतिबंध लगाए हैं। शिक्षण और स्वास्थ्य संस्थानों को छोड़कर अन्य प्रतिष्ठानों को वाणिज्यिक गैस की आपूर्ति फिलहाल रोक दी गई है। इसके चलते कई जगह घरेलू सिलिंडर का वाणिज्यिक उपयोग बढ़ गया है।
गैस खत्म होने से कई प्रतिष्ठान रहे बंद
लालपुल-कारगी मार्ग स्थित नगर निगम के वेंडिंग जोन में राहुल के परिजन फास्ट-फूड की रेहड़ी लगाते हैं। उनका वाणिज्यिक सिलिंडर शुक्रवार को खत्म हो गया था। रिफिल न मिलने के कारण उन्होंने शनिवार को दुकान नहीं खोली। इसी मार्ग पर कई अन्य फास्ट-फूड विक्रेताओं ने भी गैस संकट के कारण अपनी रेहड़ियां नहीं लगाईं।
लगातार चल रही कार्रवाई
जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल ने बताया कि शहर में लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। घरेलू सिलिंडर का वाणिज्यिक उपयोग पूरी तरह अवैध है। निरीक्षण के दौरान जहां भी ऐसा उपयोग मिलता है, वहां सिलिंडर जब्त कर कार्रवाई की जा रही है और आगे भी यह अभियान जारी रहेगा।



