Ad image

शिमला बाईपास पर 20–30 बीघा में हो रही अवैध प्लाटिंग पर चला बुलडोजर

Ramesh Kuriyal
3 Min Read

देहरादून। Mussoorie Dehradun Development Authority (एमडीडीए) ने अवैध प्लाटिंग और अनियोजित विकास के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को गणेशपुर शिमला बाईपास रोड क्षेत्र में करीब 20 से 30 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया। प्राधिकरण की टीम ने मौके पर जेसीबी मशीनों की मदद से अवैध रूप से बनाए गए प्लॉटों के सीमांकन, रास्तों और अन्य संरचनाओं को तोड़ दिया।

प्राधिकरण को लगातार मिल रही शिकायतों के बाद की गई जांच में पता चला कि क्षेत्र में बिना अनुमति बड़े पैमाने पर जमीन को छोटे-छोटे प्लॉटों में विभाजित कर कॉलोनी विकसित की जा रही थी। जानकारी के अनुसार इंद्रजीत, अरुण पाल और विकास नामक व्यक्तियों द्वारा प्राधिकरण की स्वीकृति के बिना भूमि विकास और प्लाटिंग की तैयारी की जा रही थी।

निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि इस प्लाटिंग के लिए न तो प्राधिकरण से लेआउट स्वीकृत कराया गया था और न ही आवश्यक अनुमति ली गई थी। इसके बाद एमडीडीए ने नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण को हटवा दिया। कार्रवाई के दौरान स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहा, ताकि किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।

एमडीडीए की इस कार्रवाई से अवैध रूप से प्लाटिंग करने वालों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि देहरादून में तेजी से हो रहे शहरी विस्तार के बीच कई स्थानों पर बिना अनुमति कॉलोनियां विकसित करने के प्रयास सामने आ रहे हैं, जिससे शहर के सुनियोजित विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

बिल्डरों व कॉलोनाइजरों को दी चेतावनी

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग और बिना अनुमति विकसित की जा रही कॉलोनियों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी जमीन या प्लॉट को खरीदने से पहले उसकी वैधता और प्राधिकरण से स्वीकृति की पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें।

उन्होंने सभी बिल्डरों और कॉलोनाइजरों को चेतावनी देते हुए कहा कि अवैध निर्माण और प्लाटिंग तुरंत बंद करें, अन्यथा प्राधिकरण आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई करेगा।

Share This Article
Leave a Comment