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विज्ञान, प्रकृति और भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित डॉ. नौटियाल की तीन पुस्तकों का विमोचन

Ramesh Kuriyal
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देहरादून। विज्ञान को समाज, प्रकृति और भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ने के उद्देश्य से विज्ञान शिक्षक एवं विज्ञान संप्रेषक डॉ. शम्भू प्रसाद नौटियाल की तीन पुस्तकों का मंगलवार को विमोचन किया गया। एससीईआरटी उत्तराखंड, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में निदेशक एससीईआरटी एवं सीमैट उत्तराखंड वंदना गर्ब्याल ने पुस्तकों का लोकार्पण किया।

डॉ. नौटियाल वर्तमान में पीएम श्री कमलाराम नौटियाल राजकीय आदर्श इंटर कॉलेज, धौंतरी (उत्तरकाशी) में विज्ञान शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। विज्ञान मंडल द्वारा प्रकाशित उनकी तीन पुस्तकें— आधुनिक विज्ञान व हमारी गौरवशाली परंपरा, प्रकृति विज्ञान व भविष्य तथा धरती विज्ञान व भविष्य— आधुनिक विज्ञान, पर्यावरण, भारतीय ज्ञान परंपरा, जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता और पृथ्वी विज्ञान जैसे विषयों पर केंद्रित हैं।

पुस्तकों में जटिल वैज्ञानिक अवधारणाओं को सरल, रोचक और व्यवहारिक शैली में प्रस्तुत किया गया है। इनका उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों और आमजन में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना तथा विज्ञान को दैनिक जीवन और प्रकृति से जोड़ना है।

डॉ. नौटियाल ने बताया कि पुस्तकों के माध्यम से विज्ञान को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखकर समाज, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने का प्रयास किया गया है। इनमें स्थानीय उदाहरणों, प्रकृति आधारित तथ्यों और भारतीय परंपराओं के वैज्ञानिक पक्ष को भी सहज भाषा में समझाया गया है।

कार्यक्रम में इंस्पायर अवार्ड के राज्य समन्वयक अवनीश उनियाल, शिक्षक राजेश जोशी, गम्भीर राणा और सुरेश शाह सहित कई नवाचारी शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे। वक्ताओं ने कहा कि इस प्रकार की पुस्तकें विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा बढ़ाने के साथ वैज्ञानिक चेतना और पर्यावरणीय संवेदनशीलता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

इस दौरान विज्ञान शिक्षा को अधिक रचनात्मक, सरल और समाजोपयोगी बनाने के विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की गई।

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