देहरादून। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के बीच दस्तावेजों को लेकर प्रदेशभर में बनी असमंजस की स्थिति के बीच निर्वाचन विभाग ने मतदाताओं को राहत दी है। SIR के तहत नोटिस पाने वाले मतदाताओं के लिए निर्धारित 11 दस्तावेजों में से कोई एक दस्तावेज प्रस्तुत करना पर्याप्त है। हालांकि, यदि इनमें से कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं है तो आधार कार्ड, राशन कार्ड और आयुष्मान कार्ड भी पहचान और सत्यापन की प्रक्रिया में सहायक दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत किए जा सकते हैं।
प्रदेशभर में बूथ स्तर पर लगाए गए SIR शिविरों और निर्वाचन कार्यालयों में इन दिनों बड़ी संख्या में मतदाता दस्तावेज लेकर पहुंच रहे हैं। कई लोगों में यह भ्रम है कि निर्धारित दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने पर उनका नाम मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा। निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि SIR का उद्देश्य किसी पात्र मतदाता का नाम हटाना नहीं, बल्कि मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम के अनुसार, यदि निर्धारित दस्तावेजों में से कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं है तो आधार कार्ड, राशन कार्ड और आयुष्मान कार्ड के आधार पर भी पहचान एवं सत्यापन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने नोटिस पाने वाले मतदाताओं से अपील की है कि वे घबराने के बजाय निर्धारित समय के भीतर अपने बीएलओ या संबंधित निर्वाचन कार्यालय में पहुंचकर उपलब्ध दस्तावेज जमा करें।
मैप्ड और अनमैप्ड को लेकर भी भ्रम
SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के सामने पहली बार ‘मैप्ड’ और ‘अनमैप्ड’ जैसे शब्द आए हैं। निर्वाचन विभाग के अनुसार, मैप्ड मतदाता वह है, जिसका रिकॉर्ड सत्यापित होकर संबंधित पते, परिवार या मतदान केंद्र से जोड़ दिया गया है। वहीं, अनमैप्ड मतदाता का रिकॉर्ड अभी पूरी तरह सत्यापित नहीं हुआ है या तकनीकी अथवा दस्तावेजी कारणों से उसे मैप नहीं किया जा सका है।
निर्वाचन अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अनमैप्ड होने का मतलब यह नहीं है कि मतदाता का नाम स्वतः मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा। ऐसे मतदाताओं को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर अपना सत्यापन पूरा कराना होगा।
नोटिस मिलने पर क्या करें
- SIR का नोटिस मिलने पर उसे नजरअंदाज न करें।
- उपलब्ध दस्तावेजों के साथ बीएलओ या SIR केंद्र पर जाएं।
- निर्धारित 11 दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं तो आधार, राशन कार्ड या आयुष्मान कार्ड भी साथ ले जाएं।
- मैप्ड और अनमैप्ड स्थिति को लेकर भ्रमित न हों।
- निर्धारित समय सीमा के भीतर सत्यापन प्रक्रिया पूरी कराएं।
निर्वाचन विभाग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे किसी अफवाह पर भरोसा न करें और सत्यापन से संबंधित जानकारी के लिए अपने बीएलओ अथवा निर्वाचन कार्यालय से संपर्क करें।



