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पौने तीन करोड़ के जुर्माने में फंसे पिता की वतन वापसी को बेटी ने छेड़ी मुहिम

Ramesh Kuriyal
3 Min Read

देहरादून। उत्तरकाशी जिले के गौरसारा निवासी दीपिका नौटियाल अपने पिता इंद्रमणि नौटियाल की स्वदेश वापसी के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। सऊदी अरब में कानूनी विवाद के चलते करीब सात-आठ वर्षों से वहां फंसे इंद्रमणि की रिहाई और स्वदेश वापसी के लिए बड़ी धनराशि की जरूरत है। बेटी की अपील पर अब आमजन के साथ सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने भी मदद के लिए हाथ बढ़ाना शुरू कर दिया है।

गौरसारा निवासी इंद्रमणि नौटियाल सऊदी अरब में ड्राइवर के रूप में काम करते थे। वहां एक सड़क दुर्घटना के मामले में उन्हें जेल जाना पड़ा। इसके बाद न्यायालय ने उन पर करीब पौने तीन करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माने की राशि जमा होने के बाद ही उनकी स्वदेश वापसी संभव हो सकेगी।

परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं है कि इतनी बड़ी राशि जुटाई जा सके। ऐसे में बेटी दीपिका ने पिता की वतन वापसी के लिए आम लोगों से आर्थिक सहयोग की अपील की है। उनकी अपील के बाद लोग अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग राशि उपलब्ध करा रहे हैं। कई सामाजिक और राजनीतिक संगठन भी इस मुहिम से जुड़ने लगे हैं।

विधायक और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ने की मदद

पिता की स्वदेश वापसी के लिए चल रही मुहिम में गंगोत्री के विधायक विजयपाल सजवाण और जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण ने भी सहयोग किया है। दोनों की ओर से 50-50 हजार रुपये की सहायता दिए जाने की जानकारी सामने आई है।

सामाजिक संगठनों ने मुख्यमंत्री से भी इस मामले में पहल करने की मांग की है। संगठनों का कहना है कि प्रदेश के सभी विधायकों से विधायक निधि अथवा नियमानुसार संभव माध्यम से दो-दो लाख रुपये की सहायता दिलाने की पहल की जाए, ताकि इंद्रमणि नौटियाल की स्वदेश वापसी के लिए आवश्यक धनराशि जल्द जुटाई जा सके।

जनप्रतिनिधियों से भी आगे आने की अपील

सामाजिक संगठनों ने कहा कि यदि उत्तराखंड के सभी विधायक और सांसद इस मुहिम में सहयोग करें तो बड़ी राशि जल्द एकत्रित की जा सकती है। संगठनों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों की ओर से सहयोग मिलने के साथ ही आमजन भी अपनी क्षमता के अनुसार योगदान कर रहे हैं।

दीपिका का प्रयास अब धीरे-धीरे रंग ला रहा है। परिवार और सामाजिक संगठनों को उम्मीद है कि सामूहिक प्रयासों से आवश्यक धनराशि जुटाकर इंद्रमणि नौटियाल की जल्द स्वदेश वापसी का रास्ता साफ हो सकेगा।

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