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दर-दर की ठोकर खाने को मजबूर बुजुर्ग दंपति

घनसाली। टिहरी जिले के बालगंगा तहसील के अंर्तगत चामियाला मार्केट में रोजगार की तलाश में आए अल्मोड़ा निवासी बुजुर्ग दंपति दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है, दोनों की उम्र 60 वर्ष से अधिक होने के कारण कोई उन्हें रोजगार पर भी नहीं रख पा रहा है।

बुजुर्ग दंपत्ति का कहना है कि उन्हें सरकार की तरफ से अभी तक कोई पेंशन का लाभ नहीं दिया जा रहा है, साथ की घर में बड़ा भाई उनके साथ मारपीट करता रहता है। जिससे उन्हें रोजगार की तलाश में यहां आना पड़ा है।

आपको बता दें कि तहसील बालगंगा के चामियला बाजार में रोजगार की तलाश में आए शेर सिंह 67 वर्षीय व उसकी पत्नी बसंती देवी ग्राम भिकियासौड़, तहसील रानिपेखरी,जिला अल्मोड़ा निवासी है। शेर सिंह कुछ समय पहले चमियाला मार्केट में किसी व्यापारी के यहां काम करता था लेकिन लॉकडाउन के कारण वह अपने घर चला गया और तब से वापस नहीं आया था। लॉकडाउन खुलने के बाद व्यापारी ने शेर सिंह की जगह किसी दूसरे आदमी को काम पर रख लिया था लेकिन अचानक अभी कुछ दिन पूर्व शेर सिंह अपनी बीमार पात्नी को लेकर चमियाला मार्केट में आया और लोगो से रोजगार की मांग करने लगा। लेकिन उसे कोई रोजगार नहीं मिला पाया है। जिससे वह पिछले दस दिनों से बाजार के फुटपाथों पर पत्नी सहित रात काटने को मजबूर है। शेर सिंह स्थानीय लोगों से मांग-मांग कर खाना खा रहा है।शेर सिंह ने बताया कि उनकी कोई सन्तान नहीं है और उसे सरकार की तरफ से कोई पेंशन या अन्य कोई लाभ नहीं दिया जाता है। साथ ही बड़े भाई ने मेरे हिस्से की जमीन पर कब्जा कर मुझे और मेरी पत्नी को घर से भगा दिया है। जिससे मै कई जगहों से ठोकर खा कर यहां तक आया हूं। शेर सिंह ने सरकार व प्रशासन ने मदद की गुहार लगाई है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बेलेश्वर (आयुष विभाग) में कार्यरत डॉ राम किशोर भट्ट ने भी सभी लोगों से इन बुजुर्ग लोगों की मदद की अपील की है और कहा कि नर सेवा नारायण सेवा के बराबर है।
उधर इस मामले में उपजिलाधिकारी गोपालराम बैनवाल ने बताया कि उक्त मामला मेरे संज्ञान में नहीं है अगर ऐसा कोई मामला है तो शीघ्र ही दोनों की मदद की जाएगी।

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