धामी सरकार के चार साल: रिकॉर्ड निवेश से रोजगार को बढ़ावा, पर्यटन और स्टार्टअप में भी नई उड़ान

Ramesh Kuriyal
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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार के चार साल के कार्यकाल में औद्योगिक निवेश, रोजगार सृजन और पर्यटन विकास में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है।

सरकार के मुताबिक, पिछले चार वर्षों में पहाड़ से लेकर मैदान तक करीब तीन लाख लोगों को उद्योगों में प्रत्यक्ष रोजगार मिला है, जबकि छह लाख से अधिक लोग अप्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हुए हैं। राज्य की अर्थव्यवस्था में एमएसएमई सेक्टर की भागीदारी करीब 13 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

औद्योगिक विकास के क्षेत्र में आयोजित वैश्विक निवेशक सम्मेलन के दौरान 3.56 लाख करोड़ रुपये के एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए, जिनमें से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है। सम्मेलन के बाद गढ़वाल और कुमाऊं के औद्योगिक क्षेत्रों में 1779 नए उद्योगों ने निवेश में रुचि दिखाई है।

स्टार्टअप इकोसिस्टम में भी उत्तराखंड तेजी से उभर रहा है। राज्य में अब तक 1750 स्टार्टअप पंजीकृत हो चुके हैं। वहीं एमएसएमई इकाइयों की संख्या बढ़कर 94,595 तक पहुंच गई है, जिनमें 17,743.10 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है और 4,63,478 लोगों को रोजगार मिला है।

पर्यटन में नए आयाम

उत्तराखंड पर्यटन के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। आस्था, रोमांच और आधुनिक सुविधाओं के समन्वय से राज्य को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर मजबूत किया जा रहा है।

केदारनाथ धाम के लिए सोनप्रयाग से 12.9 किमी लंबा रोपवे 4,081 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा। वहीं हेमकुंड साहिब के लिए गोविंदघाट से 12.4 किमी रोपवे 2,730 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित है।

शीतकालीन यात्रा और धार्मिक सर्किट पर फोकस

राज्य में पहली बार शीतकालीन यात्रा की शुरुआत की गई है। इस पहल को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वयं मुखवा पहुंचे, जो मां गंगा का शीतकालीन निवास स्थल है।

कुमाऊं में मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत 48 मंदिरों और गुरुद्वारों को धार्मिक सर्किट के रूप में विकसित किया जा रहा है।

बदरी-केदार धामों का कायाकल्प

विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान के तहत तेजी से विकास कार्य जारी हैं। बदरीनाथ धाम को स्मार्ट आध्यात्मिक पहाड़ी नगर के रूप में विकसित करने के लिए 255 करोड़ रुपये की योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

इसके अलावा आदि कैलाश में राज्य की पहली हाई एल्टीट्यूड अल्ट्रा रन मैराथन का आयोजन किया गया, जिसमें 22 राज्यों से 700 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

सरकार का दावा है कि इन पहलों से राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ ही रोजगार और पर्यटन को नया विस्तार मिला है।

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