देहरादून। बदलते मौसम के पैटर्न और रुक-रुककर हो रही बारिश ने डेंगू के आउटब्रेक का खतरा बढ़ा दिया है। जिले में मई से अब तक डेंगू के 50 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। आमतौर पर डेंगू के मामले सितंबर से बढ़ने शुरू होते हैं, लेकिन इस बार करीब एक माह पहले ही मरीज सामने आने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है।
डेंगू के संभावित प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जिले के 40 सरकारी और निजी अस्पतालों में कुल 1530 सामान्य और 132 आईसीयू बेड आरक्षित किए हैं। इनमें एम्स ऋषिकेश, राजकीय दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय और जिला अस्पताल समेत अन्य सरकारी एवं निजी अस्पताल शामिल हैं। अस्पतालों को डेंगू मरीजों के उपचार के लिए क्लीनिकल स्तर पर सभी तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही ब्लड बैंकों में पर्याप्त मात्रा में रक्त उपलब्ध रखने को कहा गया है।
नमी और हल्की गर्मी मच्छरों के लिए मुफीद
जंतु वैज्ञानिकों के अनुसार रुक-रुककर होने वाली बारिश के बाद वातावरण में नमी और हल्की गर्मी डेंगू फैलाने वाले मच्छरों के लिए अनुकूल परिस्थितियां पैदा करती है। ऐसे मौसम में मादा मच्छर अंडों के विकास के लिए अधिक सक्रिय हो जाती हैं। यही वजह है कि इस वर्ष डेंगू के मामलों में समय से पहले बढ़ोतरी देखी जा रही है।
तीन फीट तक ही उड़ता है डेंगू मच्छर
जंतु विशेषज्ञ सुनील कुमार के मुताबिक डेंगू मादा मच्छर के काटने से फैलता है। शरीर में अंडे होने के कारण इसकी उड़ान क्षमता सीमित रहती है। यह मच्छर सामान्यतः करीब तीन फीट की ऊंचाई तक ही उड़ पाता है और ज्यादा दूर तक नहीं जाता। ऐसे में घरों के आसपास जमा साफ पानी और छोटे जलभराव वाले स्थानों को खत्म करना डेंगू की रोकथाम में बेहद महत्वपूर्ण है।
16 हॉटस्पॉट पर टीमें सक्रिय
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा के अनुसार जिले में डेंगू के 16 हॉटस्पॉट चिह्नित किए गए हैं। इनमें बंजारावाला, पटेलनगर, क्लेमनटाउन, मोथरोवाला, जाखन, मेहूंवाला, लक्खीबाग और माजरा समेत अन्य क्षेत्र शामिल हैं। इन स्थानों पर स्वास्थ्य विभाग की टीमें सक्रिय हैं और डेंगू की रोकथाम के लिए निगरानी एवं आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।



