
विकासनगर (देहरादून)। बाड़वाला स्थित यमुना पुल पर चकराता वन प्रभाग के एसडीओ से मारपीट के मामले में कोतवाली विकासनगर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। एसपी देहात पंकज गैरोला ने मामले की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं।
चकराता वन प्रभाग के उप प्रभागीय वनाधिकारी (एसडीओ) कालसी राजीव नयन नौटियाल ने मनीष चौहान समेत अन्य लोगों के खिलाफ जानलेवा हमला, राजकीय कार्य में बाधा और अवैध खनन की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है।
तहरीर में उन्होंने बताया कि 27 फरवरी की शाम करीब पांच बजे कालसी स्थित कार्यालय से विकासनगर स्थित आवास लौटते समय यमुना पुल पार करते हुए उन्होंने आरक्षित वन क्षेत्र में अवैध खनन कर डंपर को डुमेट की ओर जाते देखा। खनन प्रतिबंधित होने के कारण वह वीडियो बनाने लगे, जिस पर कुछ लोगों ने विरोध शुरू कर दिया।
आरोप है कि संबंधित व्यक्तियों ने गाली-गलौज की और मोबाइल फोन छीनकर सड़क पर पटक दिया। इसके बाद कुछ युवकों ने उनके साथ मारपीट की। एक व्यक्ति, जो खुद को ग्राम प्रधान बता रहा था, ने भीड़ को उकसाते हुए उन पर शराब पीने का आरोप लगाया।
घटना के दौरान वन कर्मी कमल नमन जखमोला, कौर सिंह, पूजा बिष्ट, अर्चना शर्मा, राजू (चालक) और निशा भी मौके पर मौजूद थे।
एसडीओ का आरोप है कि कोतवाली विकासनगर पहुंचने के बाद भी कुछ लोग वहां पहुंचे और अभद्रता की।
वहीं, मनीष चौहान निवासी बाड़वाला ने अपनी तहरीर में आरोप लगाया है कि वह यमुना पुल पर टहल रहा था, तभी एसडीओ व अन्य लोगों ने उसके साथ मारपीट की और जातिसूचक शब्द कहे।
कोतवाल विनोद सिंह गुसाईं ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से मुकदमे दर्ज किए गए हैं। मामले की जांच की जा रही है, जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।





