प्रताप बिष्ट संघर्ष ने बड़ी लगन और मेहनत से गढ़वाल की परम्परा गत वस्तुओं को बड़ी जतन से इकट्ठा कर उन्हें अपने घर पर संजो कर म्यूजियम के रूप में साकार कर दिया।

देखा जाय तो इस तरह का जुनून घर वालों के लिए एक मुसीबत बन जाता है पर राष्ट्रपति द्वारा शिक्षक के रूप में सम्मानित प्रताप बिष्ट कहते हैं कि उनकी पूरे परिवार ने उनका भरपूर साथ दिया। और इस दुष्कर कार्य को करने की निरंतर प्रेरणा दी ।
13 अप्रैल 2024 को गढ़ रत्न नरेंद्र सिंह नेगी ने उनके संग्रहालय का विधिवत उद्घाटन किया और उनके प्रयास को सराहा। तब से अब तक जगत् गुरु शंकराचार्य से लेकर कई महान हस्तियों ने उनके संग्रहालय में आकार उनके प्रयास की सराहना की। उत्तरकाशी के जितने जिला अधिकारी और अधिकारीयों ने अपनी सेवा जिले में दी उन्होंने उनके संग्रहालय में आकार उनके प्रयास की सराहना की। वर्तमान में जिला पर्यटन विकास अधिकारी कुशाल नेगी ने उनके काम की सहराना करते हुए कहा कि पर्यटकों के लिए उत्तरकाशी में एक नया डेस्टिनेशन बन गया है।
पर्यटकों और विद्यार्थियों के लिए प्रताप संग्रहालय दर्शनीय और ज्ञानवर्धक है। ये पुरी खेत के पास मुख्य डाक घर के समीप स्थित है।



