Ad image

Ramesh Kuriyal
2 Min Read

कृषि विभाग, जनपद उत्तरकाशी द्वारा संचालित आत्मा (ATMA) योजना के अंतर्गत जनपद के 40 कृषकों के दल को उत्तराखंड जैविक उत्पाद परिषद, देहरादून में दिनांक 05 अगस्त से 07 अगस्त, 2026 तक आयोजित तीन दिवसीय “जैविक एवं प्राकृतिक खेती” विषयक प्रशिक्षण में प्रतिभाग करने हेतु जिलाधिकारी प्रशांत आर्य द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

इस अवसर पर जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने समस्त कृषको को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि आत्मा योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण के माध्यम से वे जैविक एवं प्राकृतिक खेती की नवीन तकनीकों, आधुनिक कृषि ज्ञान तथा उन्नत कृषि पद्धतियों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण से ज्ञान एवं अनुभव का उपयोग कृषक अपने-अपने क्षेत्रों में करेंगे, जिससे जनपद की कृषि अधिक समृद्ध एवं आत्मनिर्भर बनेगी तथा अन्य किसानों को भी इससे प्रेरणा मिलेगी।

मुख्य कृषि अधिकारी एस. एस. वर्मा ने बताया कि प्राकृतिक खेती ऐसी कृषि प्रणाली है, जिसमें रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों का प्रयोग नहीं किया जाता। इस पद्धति में स्थानीय संसाधनों, जैविक पदार्थों तथा प्रकृति के संतुलन का उपयोग करते हुए पर्यावरण-अनुकूल एवं स्वास्थ्यवर्धक कृषि को बढ़ावा दिया जाता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ उनकी आय में वृद्धि और सतत कृषि विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है ।

Share This Article
Leave a Comment