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महिला के दी कानूनी जानकारी

Ramesh Kuriyal
3 Min Read

टिहरी। खाड़ी के जुड़वा भवन में आयोजित महिलाओं के खिलाफ हिंसा व महिला सम्पति अधिकार विषय पर एकदिवसीय कार्यशाला संपन्न महिला अधिवक्ता बीना सज्वाण ने महिलाओं को दी कानूनी जानकारी।

”दलित समुदाय के जागरूक मातृ शक्ति में नेतृत्व क्षमता का विकास“ एक्शन एड एसोशिएशन इण्डिया के सहयोग से किया गया जिसमें मुख्य सन्दर्भ व्यक्ति महिला अधिवक्ता श्रीमति बीना सज्वाण रही। नरेन्द्रनगर व चम्बा विकासखण्ड के थान, बिडोन, सुनारकोट, बिड़कोट, आमपाटा, मोतीगला, कोड़दी, गैण्डी, पिपलेथ, अदवाणी, जयकोट एवं भिन्नु गाॅव की महिलाएं उपस्थित थी। अधिवक्ता बीना सज्वाण द्वारा महिलाओं केे साथ होने वाली प्रताड़ना व घरेलु हिंसा के प्रति जागरूक किया गया। घरेलु महिला हिंसा के खिलाफ बने कानून की जानकारी दी गई। महिलाओं के साथ होने वाली हिंसा को रोकने के लिए देश के सभी क्षेत्रों में खण्ड स्तर पर एक एक प्रोटेक्शन अधिकरी नियुक्त होते है जो कि प्रताड़ित महिला को सुरक्षा प्रदान करते हैं और तीन दिन के भीतर मजिस्ट्रेट के सम्मुख अपनी जाॅच रिपार्ट प्रस्तुत करते हुए महिला को उचित न्याय दिलाया जाता है। सभी प्रतिभागियों से अपील भी की गई कि परिवार व रिस्तों की भी मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए जिससे सच्ची व सही बात सामने आये झुठे मामलों को नही उठायें क्योंकि झुठे मामले कभी सफल नही हो सकते। घरेलु हिंसाए तभी होती हैं जब पारिवारिक जीवन में एक दूसरे के प्रति अविश्वास की भावना व आपसी समझौतों में कमी हो, इसलिए सभी के लिए आवश्यक है कि एक दूसरे का सम्मान करने की समझ को विकसित किया जाय। समाज में पुरूषों के साथ साथ महिलाओं का बराबरी का अधिकार है इसलिए अब सरकारें भी सम्पत्ति में भी महिलाओं का नाम जुड़ रहा है जितना अधिकार पुरूष का है उतना ही अधिकार महिला का भी है।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से जुड़े पैरालीगल वाॅलिएण्टर श्री फूलदास डौंडिया ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ होने वाली घटनायें अक्षम्य है और अपराधी को सजा मिलनी ही चाहिए ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की हिंसा न हो। एक्शन एड एसोसिएशन के जिला समन्वयक श्री धूमसिंह मन्द्रवाल ने कहा कि आज पहले वाला समय नही रह गया है महिलाओं को अपने अधिकारों के जागरूक होना चाहिए और समय समय पर इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन करते रहेंगें। कार्यक्रम में श्रीमति बसन्ती देवी, कृष्णा देवी, किरन, सुरीदेवी, प्रीती देवी, सुमित्रा देवी आदि महिलाएं उपस्थित थी।

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