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देहरादून । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संगीतकारों, नृत्यकों, लोक एवं आदिवासी कलाकारों को अपने, अपने क्षेत्रों में योगदान देने के लिए संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया। पौड़ी जिले के श्रीनगर निवासी संस्कृतिकर्मी और शिक्षाविद प्रो दाताराम पुरोहित को उत्तराखंड की लोक कलाओं के संवर्धन में अमूल्य योगदान के लिए साल 2021 का संगीत नाटक अकादमी सम्मान दिया गया। प्रो. डीआर पुरोहित ने अपना पूरा जीवन उत्तराखंड की लोक संस्कृति एवं उसके कलाकारों के संवर्धन के लिए समर्पित किया है। उत्तराखंड की लोक कलाओं को अपने शोध कार्यों के माध्यम से पूरी दुनिया में अलग पहचान दिलाने के लिए प्रो पुरोहित ने जर्मनी की प्रतिष्ठित हाइडिलबर्ग यूनिवर्सिटी से लेकर अमेरिका की प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी समेत दुनियाभर कई विश्वविद्यालयों और संस्थानों में व्याख्यान दिए हैं। प्रो पुरोहित ने उत्तराखंड की ढोल वाद्य शैली, पंडवाणी, भड़वार्ता, जागर, रम्माण, नंदा के गीत और बादी बदीणों के गीतों पर शोध कर उनके अकादमिक प्रचार प्रसार में अहम भूमिका निभाई है। श्रीनगर के हेनब गढ़वाल केन्द्रीय विश्वविद्यालय में लोक कला एवं संस्कृति निष्पादन केन्द्र की अवधारणा एवं उसे मूर्त रूप देने का श्रेय भी प्रो डी आर पुरोहित को जाता है। प्रो पुरोहित अभी भी उत्तराखंड में लोक नाट्य कलाओं की जड़े सींचने के लिए निरंतर स्थानीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शोध कार्यों, लेखन, निर्देशन एवं नए कलाकारों के मार्गदर्शन में अपनी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस दौरान प्रो डी आर पुरोहित के अलावा शास्त्रीय गायक छन्नू लाल मिश्र, लोक गायिका तीजन बाई, भजन गायक अनूप जलोटा समेत देश के कई प्रतिष्ठित कलाकारों को भी सम्मानित किया। अकादमी फेलो के सम्मान में तीन लाख की पुरस्कार राशि दी जाती है, जबकि अकादमी पुरस्कार में एक ताम्रपत्र के अलावा एक लाख रुपये की नकद राशि दी जाती है।