उत्तराखंडसामाजिक

पांवटा साहिब–देहरादून हाईवे में बड़ा बदलाव

प्रेमनगर से बल्लूपुर तक हिस्सा अब राज्य राजमार्ग

देहरादून। पांवटा साहिब से बल्लूपुर चौक तक प्रस्तावित राजमार्ग चौड़ीकरण योजना में बड़ा बदलाव किया गया है। अब हाईवे का चौड़ीकरण प्रेमनगर तक ही सीमित रहेगा। प्रेमनगर से आगे बल्लूपुर चौक तक करीब पांच किलोमीटर सड़क को डिनोटिफाई (पदावनत) कर राष्ट्रीय राजमार्ग की सूची से बाहर कर दिया गया है।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। इसके बाद यह हिस्सा अब राष्ट्रीय राजमार्ग नहीं रहेगा और राज्य राजमार्ग के रूप में लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड देहरादून के अधीन आ जाएगा। प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार के अनुसार डिनोटिफाइड हिस्से के हस्तांतरण की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी।

अधिकारियों के मुताबिक प्रेमनगर से बल्लूपुर के बीच स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) और वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआई) क्षेत्र में भूमि हस्तांतरण की जटिलताओं के कारण चौड़ीकरण योजना को प्रेमनगर तक सीमित रखने का निर्णय लिया गया है।

जल्द पूरा होगा प्रेमनगर फ्लाईओवर

एनएचएआई देहरादून के परियोजना निदेशक सौरभ सिंह के अनुसार पांवटा साहिब हाईवे का करीब 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। केवल प्रेमनगर के पास एक फ्लाईओवर का निर्माण अंतिम चरण में है, जिसे अगले चार दिनों में पूरा कर लिया जाएगा। फिलहाल सर्विस लेन के कुछ कार्य पूरे करने के लिए फ्लाईओवर से ट्रायल के तौर पर वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी गई है। अंतिम कार्य पूरे होने के बाद हाईवे को पूरी तरह यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।

44.8 किमी हाईवे होगा फोर लेन

राष्ट्रीय राजमार्ग-07 के तहत पांवटा साहिब से प्रेमनगर (देहरादून) तक 44.8 किलोमीटर लंबे मार्ग को फोर लेन में विकसित किया जा रहा है। इसमें करीब 25 किलोमीटर का ग्रीनफील्ड बाईपास भी शामिल है, जो हरबर्टपुर, सहसपुर, सेलाकुई और सुधोवाला जैसे भीड़भाड़ वाले कस्बों को बाईपास करेगा।

इस बाईपास से मार्ग की कुल लंबाई लगभग सात किलोमीटर कम हो जाएगी, जिससे यात्रा समय में भी काफी कमी आएगी। अब बाहरी क्षेत्रों से आने वाले वाहन घनी आबादी वाले इलाकों में प्रवेश किए बिना सीधे हाईवे से गुजर सकेंगे।

दो पैकेज में बन रहा 1646 करोड़ का प्रोजेक्ट

चार लेन हाईवे को हाइब्रिड एन्यूटी मोड (एचएएम) पर दो पैकेज में विकसित किया जा रहा है। कुल परियोजना लागत 1646.21 करोड़ रुपये है, जिसमें भूमि अधिग्रहण, वन स्वीकृति और यूटिलिटी शिफ्टिंग भी शामिल है।

पैकेज-1: पांवटा साहिब–मेदनीपुर (18.7 किमी), लागत 553.21 करोड़ रुपये। इसमें 1175 मीटर लंबा फोर लेन यमुना पुल भी शामिल है।

पैकेज-2: मेदनीपुर–बल्लूपुर (26.1 किमी), लागत 1093 करोड़ रुपये। इसमें शहरी बाईपास, अंडरपास और सर्विस रोड विकसित किए गए हैं।

31.5 किमी हिस्से पर शुरू हुआ यातायात

परियोजना के अधिकांश पुल, अंडरपास और अन्य संरचनात्मक कार्य पूरे हो चुके हैं। लगभग 31.5 किलोमीटर लंबे हिस्से पर यातायात भी शुरू कर दिया गया है। इससे हरबर्टपुर, सहसपुर, सेलाकुई और सुधोवाला जैसे भीड़भाड़ वाले कस्बों में जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।

हाईवे की प्रमुख विशेषताएं

  • सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आधुनिक डिजाइन

  • यमुना और आसन नदी पर फोर लेन पुल

  • थ्री बीम क्रैश बैरियर और एंटी-ग्लेयर स्क्रीन

  • 24×7 निगरानी के लिए पीटीजेड कैमरे

  • आधुनिक साइनएज और रोड मार्किंग

  • पर्यावरण संतुलन के लिए व्यापक पौधारोपण

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