
देहरादून। गर्मी की शुरुआत के साथ बढ़ते बिजली संकट के बीच प्रदेश के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) द्वारा मध्यम अवधि (मीडियम टर्म) के तहत खरीदी गई 500 मेगावाट बिजली की आपूर्ति शुरू हो गई है। इसके साथ ही निगम ने केंद्र सरकार से अतिरिक्त बिजली की मांग भी की है, जो अगले माह से मिलने लगेगी।
मार्च में तापमान बढ़ने के साथ ही बिजली की मांग और आपूर्ति का संतुलन बिगड़ने लगा है। ताजा आंकड़ों के अनुसार उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएनएल) के उत्पादन में गिरावट दर्ज की गई है। महीने की शुरुआत में जहां उत्पादन 90 लाख यूनिट था, वह 15 मार्च तक घटकर 59 लाख यूनिट रह गया। इस करीब 35 प्रतिशत की कमी ने ऊर्जा निगम की चिंता बढ़ा दी थी।
इस कमी को पूरा करने के लिए यूपीसीएल को खुले बाजार से महंगी दरों पर बिजली खरीदनी पड़ रही है। इसी बीच मीडियम टर्म टेंडर के जरिए खरीदी गई 500 मेगावाट बिजली की सप्लाई शुरू होने से स्थिति में कुछ राहत मिली है। अब निगम को प्रतिदिन इस स्रोत से नियमित बिजली उपलब्ध होगी।
वहीं, केंद्र सरकार से अतिरिक्त बिजली को लेकर भी सहमति बन गई है। इसके तहत अप्रैल में 100 मेगावाट और मई में 300 मेगावाट अतिरिक्त बिजली केंद्र के गैर-आवंटित कोटे से प्रदेश को मिलेगी।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष गर्मियों में बिजली की मांग छह करोड़ यूनिट प्रतिदिन से अधिक पहुंच गई थी। ऐसे में इस बार बढ़ती मांग को देखते हुए अग्रिम तैयारी के तौर पर अतिरिक्त बिजली की व्यवस्था की जा रही है।



