उत्तरप्रदेश

नर्सें हेल्थकेयर की दिल, आत्मा और फ्रेमवर्क : बीनू शर्मा

तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ नर्सिंग की ओर से प्रोस्पैक्ट एंड चैलेंजेज़ फॉर अर्ली एंड एडवांस हेल्थकेयर रिसर्चर्स पर कांफ्रेंस केयरकॉन-2.0 का शुभारंभ

समारोह की खात बातें
यूपी के नर्सिंग कॉलेजेज को मिलेगा 25 करोड़ का रिसर्च फंड –  डॉ. अशोक विश्नोई
कॉन्फ्रेंस में देश-विदेश के रिसर्चर्स की ओर से 30 रिसर्च पेपर्स भी किए गए प्रजेंट
इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस-केयरकॉन में ख़ास मेहमानों ने तीन पुस्तकों का किया विमोचन

मुरादाबाद । आईएनएस इंडिया की सीईओ एंड लॉन स्टार की एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर रिटायर्ड कर्नल बीनू शर्मा बोलीं, नर्सें हेल्थकेयर की दिल, आत्मा और फ्रेमवर्क हैं। नर्सिंग स्टुडेंट्स को हमेशा अपने प्रोफेशन में क्रिटिकल थिंकिंग और इन्नोवेशन को शामिल करना होगा। नर्सेंज़ कोर्स में 90 प्रतिशत मार्क लाना आवश्यक नहीं है, बल्कि नर्सिंग स्टुडेंट्स को बेड साइड प्रैक्टिस में एक्सपर्ट होना जरूरी है। बिना बेड साइड प्रैक्टिस के आप अच्छी नर्स नहीं बन सकती हैं। नर्सिंग वैल्यूज़ को अपने प्रोफेशन में शामिल करते रहें ताकि संभावित त्रुटियों को कम किया जा सके। शोध समय की दरकार है। इसीलिए टीचर्स, नर्सेज़, क्रिटिकल नर्सेज़ डीन आदि को रिसर्च के प्रति संजीदा रहना होगा।

कर्नल बिनु शर्मा मुरादाबाद स्थित तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ नर्सिंग की ओर से प्रोस्पैक्ट एंड चैलेंजेज़ फॉर अर्ली एंड एडवांस हेल्थकेयर रिसर्चर्स पर दो दिनी कॉन्फ्रेंस- केयरकॉन-2.0 के शुभारंभ के मौके पर बतौर मुख्य अतिथि बोल रही थीं। इससे पूर्व मुख्य अतिथि के साथ अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ के डीन नर्सिंग डॉ. अशोक कुमार विश्नोई बतौर गेस्ट ऑफ ऑनर, टीएमयू के वीसी प्रो. वीके जैन, डीन एकेडमिक्स प्रो. मंजुला जैन, डेंटल एंड एलाइड हेल्थ साइंसेज़ की डायरेक्टर गवर्नेंस नीलिमा जैन, नर्सिंग की डीन प्रो. एसपी. सुभाषिनी, प्राचार्या प्रो. एम. जेसलीन, प्रो. श्योली सेन, वाइस प्राचार्य प्रो. रामनिवास आदि को बुके, स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

कॉन्फ्रेंस के दौरान मेहमानों ने तीन पुस्तकों- एडवांस इन पब्लिक हेल्थ एंड मेडिकल रिसर्च, प्रोस्पैक्ट्स एंड चैलेंजेज़ फॉर अर्ली हेल्थ केयर रिसर्चर्स और प्रोस्पैक्ट्स एंड चैलेंजेज़ फॉर एडवांस्ड हेल्थ केयर रिसर्चर्स का विमोचन भी किया। इससे पूर्व नर्सिंग की डीन प्रो. एसपी. सुभाषिनी ने कॉन्फ्रेंस की थीम प्रस्तुत की। कॉन्फ्रेंस में रिसर्चर्स की ओर से 30 रिसर्च पेपर्स भी प्रजेंट किए गए। कॉन्फ्रेंस का संचालन प्रो. बसवराज मुधोल और प्रो. विजिमोल ने किया।

अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ के डीन नर्सिंग डॉ. अशोक कुमार विश्नोई ने कहा कि हेल्थकेयर की मजबूती के लिए वैश्विक स्तर पर करीब 3 करोड़, जबकि भारत में 90 लाख नर्सेंज़ की आवश्यकता है। जैसे-जैसे दुनिया में कोविड, ऐजिंग सरीखी दीगर हेल्थ प्रॉब्लम्स ने दस्तक दी, वैसे-वैसे हेल्थकेयर सेक्टर और एडवांस होता गया। नर्सिंग सेक्टर में रिसर्च को प्रमोट करने की प्रबल पैरोकारी करते हुए बोले, अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ की ओर से जल्द ही यूपी के नर्सिंग कॉलेजेज़ को 25 करोड़ के रिसर्च फंड की व्यवस्था की जाएगी।

जामिया हमदर्द यूनिवर्सिटी- नई दिल्ली के स्कूल ऑफ नर्सिंग साइंसेज़ एंड एलाइड हेल्थ की फाउंडर डीन प्रो. मंजु चुगानी ने स्टुडेंट्स से आहवान करते हुए कहा, नर्सिंग वैल्यूज़ को हमेशा जीवन में आत्मसात करते रहें। संग-संग अपॉच्यूनिटीज़ को हासिल करते हुए अपनी ग्रोथ करते रहें।

टीएमयू के वीसी प्रो. वीके जैन बोले, किसी भी प्रोफेशन को उड़ान के लिए रिसर्च जरूरी है। डीन एकेडमिक्स प्रो. मंजुला जैन ने रिसर्च को डवलपमेंट का कोर बताते हुए कहा कि यह रिसर्चर्स को न्यू आइडिया और न्यू इन्नोवेशन के लिए जागरूक करता है। उन्होंने उम्मीद जताई, टीएमयू का इन्क्यूबेशन सेंटर सभी शोधकर्ताओं को शीड मनी प्रोजेक्ट, रिसर्च फंडिंग और इन्नोवेटिव सॉल्यूशन के लिए मील का पत्थर साबित होगा। कॉन्फ्रेंस में डॉ. वैभव रस्तोगी, डॉ. ज्योति पुरी, डॉ. अमित कंसल, डॉ. रामकुमार गर्ग, डॉ. योगेश कुमार, डॉ. सुरेन्द्र सिंह गुर्जर, श्री सिद्धेश्वर अंगाडी, डॉ. सुमन वशिष्ट, प्रो. अनुषी सिंह, डॉ. वरुण तोशनीवाल, डॉ. सपना सिंह, डॉ. लिंसी जोसेफ, जितेन्द्र सिंह, यासिर जावेद, श्री गौरव कुमार, मुकुल सिंह आदि मौजूद रहे।

साउथ कोरिया की डॉ. वासुकी बोलीं, एक्सटेंडेड रियलिटी तकनीक
शिक्षा, स्वास्थ्य, इंजीनियरिंग और रिसर्च के क्षेत्र में बेहद उपयोगी

योनसी यूनिवर्सिटी- साउथ कोरिया के डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थकेयर मैनेजमेंट ग्रेजुएट स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ की डॉ. वासुकी आर. ने एक्सटेंडेड रियलिटी वीआर एंड सिम्युलेशन इन रिसर्च, सिमबायोसिस कॉलेज ऑफ नर्सिंग पुणे की डिप्टी डायरेक्टर डॉ. शीला उपेन्द्र ने एथिक्स, इक्विटी एंड गवर्नेंस ऑफ नेक्सट जनरेशन हेल्थकेयर इन्नोवेशन, टीएमयू में नर्सिंग कॉलेज के रिसर्च कॉर्डिनेटर प्रो. योगेश कुमार ने फ्यूचर ऑफ ग्लोबल हैल्थ डिलीवरी पर करीब एक घंटे तक पैनल डिस्कशन किया। पैनल डिस्कशन में गवर्मेंट कॉलेज ऑफ नर्सिंग-सिद्धपुर गुजरात के प्रोफेसर-कम-प्रिंसिपल डॉ. राकेश कुमार पाटीदार ने बतौर मोडरेटर की भूमिका निभाई।

साउथ कोरिया की डॉ. वासुकी आर. ने कहा कि एक्सटेंडेड रियलिटी एक आधुनिक तकनीक है, जिसमें वर्चुअल रियल्टी, आग्युमेंटेड रियल्टी और मिक्सड रियल्टी शामिल होती है। यह तकनीकी एक आभासी वातावरण में वास्तविक अनुभव प्रदान करती है। यह तकनीक विशेष रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य, इंजीनियरिंग और रिसर्च के क्षेत्र में बेहद उपयोगी है।

डॉ. शीला उपेन्द्र ने बताया कि आधुनिक स्वास्थ्य तकनीकों के विकास में नैतिक सिद्धांतों का पालन, रोगियों की गोपनीयता की सुरक्षा और डेटा की पारदर्शिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर बल दिया, नई स्वास्थ्य सेवाओं और तकनीकों का लाभ समाज के सभी वर्गों तक समान रूप से पहुंचे, जिससे स्वास्थ्य क्षेत्र में असमानताओं को कम किया जा सके। नवाचारों का सुरक्षित, जिम्मेदार और न्यायसंगत उपयोग से ये अधिक विश्वसनीय, समावेशी और वैश्विक स्तर पर लाभकारी बन सकते हैं।

प्रो. योगेश कुमार ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं के भविष्य को अधिक सुलभ, किफायती और तकनीक-आधारित बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। डिजिटल हेल्थ, टेलीमेडिसिन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा-आधारित निर्णय प्रणाली वैश्विक स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा दे रही हैं। इन नवाचारों के माध्यम से दूरदराज क्षेत्रों तक भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना संभव हो रहा है। निवारक देखभाल, सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज और स्वास्थ्य समानता को बढ़ावा देने पर भी ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। भविष्य में सहयोगात्मक प्रयासों, मजबूत नीतियों और उन्नत तकनीकों के समन्वय से वैश्विक स्वास्थ्य सेवाएं अधिक प्रभावी, समावेशी और टिकाऊ बनेंगी।

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