तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के फिजियोथेरेपी विभाग की ओर से आयोजित दो दिवसीय इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ‘फिजियोविज़न 1.0’ का भव्य शुभारंभ हुआ। इस संगोष्ठी में देश-विदेश के जाने-माने विशेषज्ञों ने भाग लेकर फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में नवीन शोध, तकनीक और क्लिनिकल अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि प्रो. चित्रा कटारिया, डीन एकेडमिक्स प्रो. मंजुला जैन, एचओडी प्रो. शिवानी एम. कौल एवं अन्य गणमान्य अतिथियों ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
न्यूरोप्लास्टिसिटी से बढ़ती है जीवन गुणवत्ता
मुख्य अतिथि प्रो. चित्रा कटारिया ने आधुनिक स्वास्थ्य प्रणाली में फिजियोथेरेपी की अहम भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्पाइनल कॉर्ड इंजरी जैसे जटिल मामलों में प्रारंभिक और संरचित फिजियोथेरेपी हस्तक्षेप बेहद प्रभावी होते हैं। उन्होंने बताया कि न्यूरोप्लास्टिसिटी आधारित तकनीकों और व्यक्तिगत रिहैबिलिटेशन प्लानिंग से मरीजों की कार्यक्षमता, स्वतंत्रता और मानसिक सशक्तिकरण में उल्लेखनीय सुधार संभव है।
रिसर्च आधारित लर्निंग पर जोर
प्रो. मंजुला जैन ने कहा कि आधुनिक शिक्षा में क्लिनिकल एक्सपोजर और रिसर्च-आधारित लर्निंग का समावेश आवश्यक है। इससे छात्र भविष्य की चुनौतियों के लिए अधिक सक्षम बनते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को नवाचार और शोध गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
नवाचार से बेहतर होंगे क्लिनिकल परिणाम
प्रो. शिवानी एम. कौल ने ‘नॉवेल्टी मीट्स रिहैबिलिटेशन एक्सीलेंस’ थीम को रेखांकित करते हुए कहा कि फिजियोथेरेपी में नवाचार और उत्कृष्टता का समन्वय मरीज-केंद्रित और प्रभावी परिणाम सुनिश्चित करता है।
तकनीकी सत्रों में उभरते ट्रेंड्स पर चर्चा
तकनीकी सत्रों में शिवानी लाल ने लोड मॉनिटरिंग इन स्पोर्ट्स रिहैबिलिटेशन पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। वहीं नवजोत त्रिवेदी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एआई टूल्स शिक्षा और क्लिनिकल प्रैक्टिस को अधिक प्रभावी बना रहे हैं।
46 पोस्टर प्रस्तुत, प्रोसिडिंग का विमोचन
कॉन्फ्रेंस के पहले दिन कुल 46 शोध पोस्टर प्रस्तुत किए गए, जिनमें प्रतिभागियों ने अपने नवाचारी विचार साझा किए। साथ ही कॉन्फ्रेंस प्रोसिडिंग का भी विमोचन किया गया।
इस अवसर पर डॉ. नंद किशोर साह, हिमानी, नीलिमा चौहान, डॉ. हरीश शर्मा और समर्पिता सेनापति समेत कई विशेषज्ञ मौजूद रहे।


