क्षेत्र में धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देते हुए सेम मुखेम मणभागी शोड स्थित भगवान नागराज की तपस्थली में श्रीराम कथा आयोजन की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में आज एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन मंदिर समिति के प्रबंधक श्री विजय पोखरियाल की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।
बैठक से पूर्व सामाजिक कार्यकर्ता श्री गजेंद्र सिंह कंडियाल एवं उनके सहयोगी उत्तम कंडियाल के साथ क्षेत्र का दौरा किया गया। इस दौरान हेरवाल गांव स्थित महाराज जी के विद्यालय का निरीक्षण किया गया, जहां विद्यालय की व्यवस्था को देखकर श्री कंडियाल ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने बच्चों के लिए सर्दियों में गर्म कपड़े उपलब्ध कराने की इच्छा भी जताई, जिस पर विद्यालय स्टाफ ने उनका आभार व्यक्त किया।
इसके पश्चात सभी लोग सेम मुखेम मणभागी शोड स्थित भगवान नागराज की तपस्थली पहुंचे, जहां बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी श्रीराम कथा के आयोजन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। सभी उपस्थित लोगों ने एकमत होकर इस धार्मिक आयोजन के प्रति समर्थन जताया और इसे क्षेत्र के लिए सौभाग्य बताया।
बैठक में श्रीश्री 1008 स्वामी रामानुजाचार्य गोविंदाचार्य गुक्तेश्वर महाराज जी का विशेष आभार व्यक्त किया गया, जिन्होंने इस क्षेत्र को श्रीराम कथा के आयोजन हेतु चुना। उल्लेखनीय है कि महाराज जी द्वारा संचालित निशुल्क विद्यालय पहले से ही क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
इस अवसर पर इंजीनियर गुलाब सिंह पवार, गजेंद्र सिंह कंडियाल (उत्तराखंड के प्रथम रजिस्टर्ड ठेकेदार), उत्तम सिंह, हरपाल सिंह, मेघ सिंह बिष्ट (सेवानिवृत्त सूबेदार), विजय सिंह बिष्ट (ग्राम पंचायत रेखा), कृष्णा सिंह कैंतुरा (दिनगांव), मनोज राणा (प्रधान प्रतिनिधि सिलोडा), त्रिलोक सिंह राणा (प्रधान मुकमाल), भगवान सिंह राणा, महेंद्र सिंह कंडियाल (प्रधान डांगी), अव्वल सिंह रावत (पूर्व प्रधान हिरवाल), भगवान सिंह कलुड़ा (पूर्व प्रधान घड़ियाल), स्वरूपानंद चमोली (प्रधान सदड़), राजेश पोखरियाल (क्षेत्र पंचायत सदस्य पोखरी) सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। वहीं, नंदी चैनल से पत्रकार पब्निश भट्ट भी मौजूद रहे।
बताया गया कि क्षेत्र में शादी-विवाह के कार्यक्रमों के चलते कुछ लोग बैठक में शामिल नहीं हो सके, इसके बावजूद आयोजन को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
आगामी 24 मई को लंबगांव में एक और बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें कार्यक्रम की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जाएगा और इसके बाद व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार शुरू किया जाएगा।
श्रीराम कथा का आयोजन 18 जून से 22 जून तक किया जाएगा। आयोजन समिति ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में अपने इष्ट देवी-देवताओं के साथ इस धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित करें।



