नैनीताल। भवाली व्यापार मंडल अध्यक्ष नरेश पांडे को मंगलवार देर रात नैनीताल पुलिस ने उनके आवास से हिरासत में ले लिया। पांडे के खिलाफ दुष्कर्म, पॉक्सो, ब्लैकमेलिंग, रंगदारी, महिलाओं के शारीरिक शोषण और दबाव बनाकर गर्भपात कराने जैसे गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्ज है। पुलिस का कहना है कि विवेचना के दौरान मिले महत्वपूर्ण साक्ष्यों के आधार पर पूछताछ और आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए उन्हें हिरासत में लिया गया है।
मामला उस समय सामने आया था जब नैनीताल के एक शिक्षण संस्थान में अध्ययनरत एक छात्रा ने मल्लीताल कोतवाली में नरेश पांडे के खिलाफ शारीरिक शोषण, दबाव बनाकर गर्भपात कराने समेत कई गंभीर आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। जांच के दौरान कुछ अन्य महिलाओं ने भी पुलिस को पांडे के खिलाफ साक्ष्य उपलब्ध कराए हैं।
इस मामले में नरेश पांडे की अग्रिम जमानत याचिका पहले निचली अदालत और बाद में उत्तराखंड हाईकोर्ट से भी खारिज हो चुकी है। इसके बाद वह सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आ रहे थे। मंगलवार रात पुलिस को उनके घर पर होने की सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस टीम तीन से चार वाहनों के साथ उनके आवास पहुंची।
फेसबुक लाइव कर लगाए आरोप
पुलिस के घर पहुंचते ही नरेश पांडे फेसबुक पर लाइव हो गए। उन्होंने पुलिस पर उत्पीड़न, बिना वारंट कार्रवाई और परिवार के साथ मारपीट का आरोप लगाया। उन्होंने आत्मदाह की धमकी भी दी। करीब एक घंटे तक चले घटनाक्रम के बाद पुलिस उन्हें अपने साथ लेकर चली गई।
जहर पीने का किया दावा
फेसबुक लाइव के दौरान नरेश पांडे ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उनकी नाबालिग बेटी के साथ धक्का-मुक्की और अभद्र व्यवहार किया तथा परिवार के सदस्यों के मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिए। उन्होंने खुद को झूठे मुकदमे में फंसाने का आरोप लगाया और एक बोतल दिखाते हुए जहर पीने का दावा भी किया। हालांकि उनके इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
बॉडीगार्ड को लेकर भी रहे विवादों में
नरेश पांडे पहले भी निजी सुरक्षा के लिए चार से पांच बॉडीगार्ड रखने को लेकर चर्चा में रहे हैं। छात्रा की शिकायत के बाद पुलिस ने उनके बॉडीगार्डों से भी पूछताछ की थी। साथ ही उनके शस्त्र लाइसेंस निलंबित करने की संस्तुति भी संबंधित अधिकारियों को भेजी गई थी।
एसएसपी बोले- आरोपी भ्रामक माहौल बनाने की कोशिश कर रहा
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी ने कहा कि नरेश पांडे के खिलाफ दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग, रंगदारी और गर्भपात कराने जैसे गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्ज है। वह नामजद एवं वांछित आरोपी हैं। विवेचना के दौरान मिले महत्वपूर्ण साक्ष्यों के आधार पर पूछताछ और आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए पुलिस उन्हें अपने साथ लेकर गई है।
एसएसपी ने कहा कि आरोपी अपने बचाव में तथ्यों को प्रभावित करने और भ्रामक माहौल बनाने का प्रयास कर रहा है। पुलिस मामले की निष्पक्ष और साक्ष्य आधारित जांच कर रही है तथा उपलब्ध तथ्यों के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



