उत्तरकाशी के प्रेक्षागृह में पौराणिक कथा पर आधारित “जीतू बगड़वाल” की शानदार प्रस्तुति देखने को मिली ।
वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर संगीत नाटक अकादमी द्वारा देश भर में युवा रंगमंच से राष्ट्र जागरण नाम से देश भर में अभियान के तहत विभिन्न स्थानों पर 150 नाटकों का आयोजन किया गया जिसमें उत्तरकाशी जनपद से संवेदना समूह ने ये जिम्मेदारी निभाई।
नाटक में सभी पात्रों ने बखूबी अपनी भूमिकाओं का निर्वहन किया पर ये देख कर थोड़ी आश्चर्य हुआ कि प्रेक्षागृह में बहुत सी लाइट लगे होने के बावजूद नाटक में बाहर से लाइट लानी पड़ी पता करने पर जानकारी हुई कि ज़्यादातर लाइट खराब पड़ी हैं मतलब उनके बल्ब काम नहीं कर रहे हैं प्रशासन मेंटेनेंस के नाम पर प्रेक्षागृह में रख रखाव के नाम पर इसका भुगतान लेता है पर रख रखाव के नाम पर गंदे शौचालय बंद पड़ी लाइटें आदि आदि ,खैर भविष्य में प्रशासन इस ओर ध्यान देगा ।
नाटक की कथा वस्तु जहां पौराणिक थी वहीं आधुनिक तकनीकों का भी नाटक में बखूबी प्रयोग किया गया। नाटक को पहले रिकॉर्ड कर फिर लिप्सिंग कर नाटक का मंचन हुआ जिससे कि अच्छा प्रभाव बन पड़ा । लाइटिंग की सीमाओं के बाबजूद अच्छा इस्तेमाल किया गया, यदि प्रेक्षागृह में उपलब्ध सभी लाइट इस्तेमाल हो पाती तो प्रभाव और अधिक हो पता । संगीत कर्णप्रिय था पर सिंथेसाइजर की जगह लोक वाद्यों का ज़्यादा प्रयोग होता तो अच्छा होता l कुल मिला कर नाटक दर्शकों को बांधे रखने में पूरी तरह सफ़ल रहा । संवेदना समूह की प्रस्तुति उत्तरकाशी के रंगमंच के लिए मील का पत्थर साबित होगी ।
मुख्य अतिथि विधायक गंगोत्री सुरेश चौहान, विशिष्ट अतिथि रमेश चौहान और भा ज पा जिला अध्यक्ष नागेन्द्र चौहान, ब्लॉक प्रमुख डुंडा राजदीप परमार जिला अधिकारी प्रशांत आर्य के अलावा कई गणमान्य व्यक्ति द्वारा नाटक की प्रस्तुति को सराहा।



