ऋषिकेश। एम्स ऋषिकेश में छात्रों, शोधकर्ताओं और चिकित्सकों को डिजिटल लाइब्रेरी संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए शुक्रवार से दो दिवसीय कार्यशाला एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। केंद्रीय पुस्तकालय के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला में देश-विदेश के प्रतिष्ठित प्रकाशन समूहों के विशेषज्ञों ने ई-रिसोर्सेज, ऑनलाइन डेटाबेस और शोध संबंधी आधुनिक तकनीकों की जानकारी साझा की।
कार्यक्रम का उद्घाटन एम्स की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल नॉलेज, चिकित्सा अनुसंधान और ई-संसाधनों के प्रभावी उपयोग के लिए इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम समय की आवश्यकता हैं। इससे छात्र, शोधकर्ता और चिकित्सक उपलब्ध संसाधनों का अधिक कुशलता से उपयोग कर सकेंगे।
डीन रिसर्च एवं लाइब्रेरी कोर कमेटी के अध्यक्ष प्रो. शैलेन्द्र हांडू ने कहा कि कार्यशाला के माध्यम से प्रतिभागियों को ऑनलाइन डेटाबेस, ई-जर्नल्स, संदर्भ प्रबंधन उपकरण तथा साक्ष्य-आधारित चिकित्सा साहित्य तक पहुंच और उसके प्रभावी उपयोग की जानकारी दी जा रही है।
कार्यशाला के पहले दिन वेब ऑफ साइंस (जेसीआर), क्लीनिकलकी और क्लीनिकल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मैकग्रा-हिल रिसोर्सेज, मेडिकल रिसर्च विद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बीएमजे द्वारा एविडेंस बेस्ड क्लीनिकल डिसीजन एवं रिसर्च-पब्लिकेशन स्किल्स, इम्पैक्ट एनालिसिस तथा थीमे मेडवन प्लेटफॉर्म का प्रदर्शन किया गया। इसके अलावा एब्स्को इंफॉर्मेशन सर्विसेज ने सिन्हाल डेटाबेस के उपयोग पर विस्तृत जानकारी दी।
वरिष्ठ पुस्तकालयाध्यक्ष एवं सूचना अधिकारी डॉ. संदीप कुमार सिंह ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं को डिजिटल डेटाबेस और ई-रिसोर्सेज के प्रभावी उपयोग के लिए प्रशिक्षित करना है। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण में मैकग्रा-हिल, एल्सेवियर, बीएमजे, वॉल्टर्स क्लुवर, क्लेरिवेट, थीमे, सेज और जेपी जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशन समूहों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
इस अवसर पर उप निदेशक (प्रशासन) लेफ्टिनेंट कर्नल गोपाल मेहरा, प्रो. जया चतुर्वेदी, प्रो. आशी चुग, प्रो. शालिनी राव, प्रो. रश्मि मल्होत्रा, डॉ. उदित चौहान सहित विभिन्न विभागों के फैकल्टी सदस्य, पीएचडी स्कॉलर्स, मेडिकल छात्र, डीएनएस, एएनएस और लाइब्रेरी स्टाफ मौजूद रहे।



