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शिक्षा मंत्री का इस्तीफा छात्रों के संघर्ष और लोकतंत्र की जीत : राणा

Ramesh Kuriyal
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जिला कांग्रेस कमेटी टिहरी गढ़वाल के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी राकेश राणा ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को देशभर के छात्रों, युवाओं और लोकतांत्रिक मूल्यों की बड़ी जीत बताते हुए आंदोलनरत छात्रों को बधाई दी है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि युवाओं की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता। यह केवल छात्रों की जीत नहीं, बल्कि भारत के लोकतंत्र की भी जीत है।

राकेश राणा ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी ने संसद के भीतर और बाहर लगातार छात्रों की आवाज़ को बुलंद किया। उन्होंने स्पष्ट कहा था कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देंगे, तब तक इस मुद्दे पर सरकार को जवाब देना होगा और छात्रों के भविष्य से जुड़े प्रश्नों को अनदेखा नहीं किया जा सकता। राहुल गांधी ने शुरुआत से ही छात्रों के आंदोलन का खुलकर समर्थन किया तथा कांग्रेस पार्टी को छात्रों के साथ मजबूती से खड़े रहने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने देशभर में अपने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को छात्रों के समर्थन में धरना-प्रदर्शन करने के निर्देश दिए, जिसके तहत पूरे देश में लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन किए गए। नई टिहरी सहित उत्तराखंड में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने छात्रों के पक्ष में आवाज़ उठाई।

राकेश राणा ने आरोप लगाया कि दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास और राजभवन की ओर मार्च के दौरान कांग्रेस सांसदों तथा राहुल गांधी के साथ सुरक्षा कर्मियों द्वारा किया गया व्यवहार अत्यंत निंदनीय था। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के साथ कथित अभद्रता और उन्हें बलपूर्वक रोकने की घटना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विपरीत है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलनरत छात्रों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले छोड़े जाने तथा बल प्रयोग की घटनाएं बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं। यदि किसी भी प्रकार की अवैध या अत्यधिक बल प्रयोग की घटनाएं हुई हैं, तो उनकी निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही आंदोलन के दौरान घायल हुए छात्रों को समुचित उपचार और सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

राकेश राणा ने कहा कि जिन परिवारों ने परीक्षा संबंधी अनियमितताओं और उससे उत्पन्न परिस्थितियों में अपने बच्चों को खोया है, उनके प्रति सरकार को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए तथा नियमों के अनुरूप हर संभव सहायता और न्याय सुनिश्चित करना चाहिए।

अंत में उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी श्री राहुल गांधी के नेतृत्व में छात्रों, युवाओं और देश के प्रत्येक नागरिक के अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि परीक्षा प्रणाली को पूर्णतः पारदर्शी बनाया जाए, पेपर लीक जैसी घटनाओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कठोर दंड दिया जाए तथा युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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