उत्तरकाशी। गंगोत्री विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण ने गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर उत्तरकाशी क्षेत्र के विभिन्न पूज्य संतों एवं धर्मध्वजवाहक आध्यात्मिक गुरुओं का सान्निध्य एवं आशीर्वाद प्राप्त कर प्रदेश एवं क्षेत्रवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और उन्नति की कामना की।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा भारतीय संस्कृति एवं सनातन परंपरा का अत्यंत पवित्र पर्व है। गुरु ही ज्ञान, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना के वास्तविक मार्गदर्शक होते हैं तथा उनके आशीर्वाद से जीवन को सही दिशा एवं उद्देश्य प्राप्त होता है।
पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण ने सर्वप्रथम ज्ञानसू स्थित माँ चंद्रघण्टा मंदिर में माँ के दिव्य दर्शन एवं पूजा-अर्चना कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके पश्चात तिलोथ पहुँचकर आध्यात्मिक जगत की नई चेतना के प्रेरणास्रोत परम पूज्य व्यास श्री शिवराम भट्ट जी का स्नेहिल आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन प्राप्त किया।
इसके उपरांत उन्होंने मांडों पहुँचकर ‘मानसप्रेमी’ के नाम से विख्यात विद्वान कथावाचक स्वर्गीय श्री शांति प्रसाद भट्ट जी को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक योगदान को स्मरण किया।
इसके बाद उजेली स्थित संस्कृत महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए परम पूज्य दंडी स्वामी 1008 हरिहराश्रम जी महाराज के दिव्य एवं ज्ञानवर्धक प्रवचनों का श्रवण किया तथा उनका पावन आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन प्राप्त किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तगण एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर विजयपाल सजवाण ने कहा कि हमारे पूजनीय संत एवं गुरुजन भारतीय संस्कृति, हिन्दू धर्म और सनातन परंपरा के सशक्त ध्वजवाहक हैं। उनका जीवन समाज को सदाचार, सेवा, संस्कार एवं राष्ट्रहित की प्रेरणा देता है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि पूज्य संतों का स्नेह, आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन सदैव उत्तरकाशी क्षेत्र सहित समस्त समाज पर बना रहे। पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण ने समस्त प्रदेशवासियों एवं श्रद्धालु भक्तजनों को गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं आध्यात्मिक उन्नति की मंगलकामना की।



