नई दिल्ली, 1 सितंबर। हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कथित तौर पर ‘शुद्धिकरण’ किए जाने के विरोध और दलित अस्मिता के सम्मान में मंगलवार को दिल्ली में एक घंटे का मौन व्रत रखा गया। कार्यक्रम का नेतृत्व उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने किया।
आरके पुरम स्थित भगवान श्री रविदास मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर मौन व्रत रखा गया। आयोजकों ने हल्द्वानी में ‘शुद्धिकरण’ करने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस लेने की मांग उठाई।
मौन व्रत के बाद गुरु रविदास जी के चरणों में देश में समरसता, समानता और भाईचारे की कामना के लिए अरदास की गई। कार्यक्रम में सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े कई लोग शामिल हुए।
इस दौरान जोगा राम, अनिल पंत, कुशल जीना, किशोर रावत, महेश प्रकाश, हंसा तिवारी, रविंद्र रावत, जगत सिंह बिष्ट, भंडारी (नाबार्ड), शिव सिंह रावत, थलवाल, पूरन सिंह, गुरजीत लहरी, राजीव त्यागी, कमल गोसाई, चंद्रकांत और गिरीश आर्य समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
आयोजकों ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य सामाजिक समरसता, समानता और आपसी भाईचारे का संदेश देना है।



