टिहरी गढ़वाल, 1 सितंबर। गायत्री शक्तिपीठ शांतिकुंज, हरिद्वार के मार्गदर्शन में विकासखंड थोलधार क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में चल रहे नशामुक्त भारत अभियान के तहत मंगलवार को लगातार दूसरे दिन छात्र-छात्राओं के बीच संवाद और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। अभियान के दौरान विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने और उत्तराखंड की संस्कृति व परंपराओं से जुड़ने का संदेश दिया गया।
गायत्री शक्तिपीठ के सदस्य एवं राज्य आंदोलनकारी देवी सिंह पंवार के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रमों में ‘शराब नहीं, संस्कार दो’, ‘हम सुधरेंगे, जग सुधरेगा’ और ‘नशा छोड़ो, गुस्सा छोड़ो, गायत्री परिवार से नाता जोड़ो’ जैसे संदेशों के माध्यम से विद्यार्थियों को जागरूक किया गया।
कंमाद इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य चंद्रमणि वर्मा की अध्यक्षता में कार्यक्रम हुआ। इसके बाद थोलधार उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में प्रधानाचार्य विवेक खड़ोड़ी की अध्यक्षता और कांडीखाल राजकीय इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य नवीन रावत की अध्यक्षता में विद्यार्थियों को संबोधित किया गया।
देवी सिंह पंवार ने छात्र-छात्राओं को उत्तराखंड की संस्कृति, देवी-देवताओं, लोक परंपराओं और मातृभाषा के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को एकजुट होकर प्रयास करना होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी संस्कृति और मिट्टी से जुड़े रहने का आह्वान किया।
टिहरी गायत्री शक्तिपीठ के व्यवस्थापक बीपी बधानी ने विभिन्न विद्यालयों में छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई। उन्होंने विद्यार्थियों से विभिन्न प्रकार के नशे से दूर रहने और गायत्री परिवार से जुड़कर सकारात्मक गतिविधियों में भाग लेने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने आचार्य श्रीराम शर्मा के साहित्य और पत्रिकाओं का अध्ययन करने की अपील की।
कार्यक्रम में गायत्री शक्तिपीठ परिवार के सदस्य राहुल भंडारी समेत विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक और अन्य सदस्य मौजूद रहे।



