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रंगों से सजा ‘नवागमन’, छात्रों ने कैनवास पर उकेरी कल्पनाओं की उड़ान

Ramesh Kuriyal
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लखनऊ, 1 सितंबर। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (AKTU) के वास्तुकला एवं योजना संकाय (FOAP) में आयोजित दो दिवसीय ‘नवागमन’ ओरिएंटेशन कार्यक्रम का समापन मंगलवार को रंगों और रचनात्मकता से भरपूर कला कार्यशाला के साथ हुआ। कार्यशाला में प्रथम वर्ष के नवप्रवेशी विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए चित्रकला की विभिन्न विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों ने कैनवास हैंड बैग पेंटिंग, वर्ली पेंटिंग और जलरंग चित्रण जैसी कला विधाओं का अभ्यास किया। रंगों, रेखाओं और आकृतियों के साथ विद्यार्थियों ने स्वतंत्र प्रयोग कर आकर्षक कलाकृतियां तैयार कीं।

कोलकाता से आए चित्रकार सौरभ शी ने विद्यार्थियों को जलरंग चित्रण का विशेष प्रदर्शन कराया। उन्होंने रंगों की पारदर्शिता, टेक्सचर, प्रकाश-छाया और ब्रश तकनीक की बारीकियों से विद्यार्थियों को परिचित कराया। उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने जलरंग के व्यावहारिक प्रयोग करते हुए अपनी रचनात्मक कृतियां तैयार कीं।

कार्यक्रम संयोजक भूपेंद्र कुमार अस्थाना ने बताया कि ‘नवागमन’ का उद्देश्य विद्यार्थियों को वास्तुकला और दृश्य कला के बीच के गहरे संबंध से परिचित कराना है। उन्होंने कहा कि कला केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि सोच, संवेदना और सृजन की व्यापक भाषा भी है।

कार्यक्रम के समन्वयक आर्किटेक्ट ताबिश अहमद अब्दुल्ला रहे। कलाकार धीरज यादव और रत्नप्रिया ने सहयोगी विशेषज्ञ एवं आर्ट कोऑर्डिनेटर के रूप में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।

समापन दिवस पर आयोजित परिचय एवं संवाद सत्र में संकाय की अधिष्ठाता डॉ. वंदना सहगल सहित सभी प्राध्यापक मौजूद रहे। उन्होंने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, रचनात्मक और व्यावसायिक गतिविधियों की जानकारी दी।

डॉ. वंदना सहगल ने विद्यार्थियों की कलाकृतियों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, सौंदर्यबोध और रचनात्मक क्षमता के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि वास्तुकला की शिक्षा केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संवेदनशील दृष्टि, कल्पनाशील सोच और रचनात्मक अभिव्यक्ति विकसित करने की प्रक्रिया है।

कार्यशाला के समापन पर विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने ‘नवागमन’ को सीखने, प्रयोग करने और कला के माध्यम से खुद को अभिव्यक्त करने वाला यादगार अनुभव बताया।

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