देहरादून: हिमालय दिवस 2026 के अवसर पर उत्तरांचल उत्थान परिषद और एम०के०पी० (स्नातकोत्तर) महाविद्यालय, देहरादून के संयुक्त तत्वावधान में “हिमालय: सतत विकास, चुनौतियां व समाधान” विषय पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। न्यू रोड स्थित एमकेपी महाविद्यालय के विज्ञान संकाय सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूड़ी भूषण ने दीप प्रज्वलित कर किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. ममता सिंह ने की, जबकि संचालन उत्तरांचल उत्थान परिषद के वरिष्ठ सदस्य प्रो. देवी दत्त चौनियाल ने किया।
प्राकृतिक आपदाएं विश्व के अस्तित्व के लिए बड़ा संकट: ऋतु खण्डूड़ी अपने संबोधन में विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूड़ी भूषण ने हाल ही में नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और हिमालयी क्षेत्रों में बढ़ती आपदाओं पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि “हिमालय केवल नदियों का उद्गम स्थल नहीं, बल्कि समस्त जीवों का प्राण है। यह देश की प्राकृतिक सुरक्षा दीवार और हमारी संस्कृति का आधार है।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि सीमा सुरक्षा, पर्यटन और बिजली की जरूरतों के लिए निर्माण कार्य जरूरी हैं, लेकिन विकास के साथ हिमालय को बचाना भी उतना ही आवश्यक है। इसके लिए सरकार, भू-वैज्ञानिक, पर्यावरणविद और आम जनता को मिलकर प्रयास करने होंगे। इस दौरान उन्होंने परिषद के सामाजिक कार्यों की सराहना की और पर्यावरण संरक्षण पोस्टर प्रतियोगिता की विजेता छात्राओं को पुरस्कार व प्रमाण पत्र वितरित किए।
मानवीय भूलें भी बन रही हैं आपदा का कारण विशिष्ट अतिथि पूर्व नौसेना एडमिरल कृपा नौटियाल ने कहा कि विकास कार्यों के दौरान पर्यावरण और जल संरक्षण की अनदेखी खतरनाक साबित हो सकती है। प्रकृति में हलचल स्वाभाविक है, लेकिन कई बार इंसानी गलतियां इन्हें भयंकर आपदाओं में बदल देती हैं।
कार्यक्रम में वाडिया भू-विज्ञान संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. जे. आर. पैरूमल और प्रो. डी.डी. चौनियाल ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से हिमालय की भूगर्भीय संरचना और प्राकृतिक गतिविधियों पर वैज्ञानिक विश्लेषण प्रस्तुत किया। उन्होंने भूगर्भीय संवेदनशीलता को देखते हुए सावधानी बरतने और प्रकृति के अनुकूल निर्माण कार्य करने पर जोर दिया।
गणमान्य लोग रहे मौजूद विचार गोष्ठी की शुरुआत में उत्थान परिषद के महामंत्री राजेश थपलियाल और डॉ. मीनाक्षी शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया। अंत में डॉ. नीतू त्रिपाठी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस अवसर पर परिषद की उपाध्यक्ष ऊषा रावत, धर्मानंद उनियाल, नरेश चन्द्र कुलाश्री, शम्भू प्रसाद सती, विपुल जोशी, मेजर (से.नि.) महावीर सिंह रावत, पद्म सिंह थापा, उमेश्वर सिंह रावत सहित कई गणमान्य नागरिक व सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।



