देहरादून। उत्तराखंड की सियासत में उस समय हलचल तेज हो गई, जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पार्टी के दो महत्वपूर्ण पदों से इस्तीफा देने का ऐलान किया। रावत ने सोशल मीडिया के जरिए अपने फैसले की जानकारी साझा की।
हरीश रावत ने कहा कि उनके सहयोगी से जुड़े कथित कैश और ज्वेलरी मामले का असर कांग्रेस के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान पर नहीं पड़ना चाहिए। इसी को देखते हुए उन्होंने यह कदम उठाने का निर्णय लिया है।
रावत ने प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष और कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) के स्थायी आमंत्रित सदस्य के पद से इस्तीफा देने की घोषणा की है।
उनके इस ऐलान के बाद उत्तराखंड कांग्रेस की राजनीति में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। रावत के फैसले को लेकर पार्टी के भीतर जहां तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं, वहीं राजनीतिक गलियारों में भी इसे लेकर हलचल बढ़ गई है।
अब नजर इस बात पर है कि हरीश रावत के इस फैसले का प्रदेश कांग्रेस की आगामी राजनीतिक रणनीति और संगठन पर क्या असर पड़ता है।



