देहरादून। इंटरनेट और सोशल मीडिया पर किराये पर गर्लफ्रेंड या बॉयफ्रेंड उपलब्ध कराने के नाम पर दिए जा रहे आकर्षक ऑफर साइबर ठगी का जाल हो सकते हैं। उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने लोगों को ऐसे फर्जी ऑनलाइन ऑफर से सतर्क रहने की अपील की है। एसटीएफ ने चेताया है कि साइबर अपराधी इस तरह के प्रलोभनों का इस्तेमाल कर लोगों की निजी और बैंकिंग संबंधी जानकारी हासिल करने के साथ ही उन्हें आर्थिक नुकसान पहुंचा सकते हैं।
एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह के अनुसार, साइबर अपराधी इंटरनेट और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को लुभावने ऑफर देकर अपने जाल में फंसाने की कोशिश करते हैं। ‘रेंट ए बॉयफ्रेंड’ जैसी सेवाओं के नाम पर संपर्क कर लोगों से रजिस्ट्रेशन फीस, बुकिंग चार्ज या अन्य शुल्क के बहाने पैसे मांगे जा सकते हैं। इसके अलावा, निजी जानकारियां हासिल कर ठगी और ब्लैकमेलिंग जैसी घटनाओं को अंजाम देने का प्रयास भी किया जा सकता है।
एसटीएफ ने लोगों को सलाह दी है कि किसी भी ऑनलाइन सेवा पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर करें। अनजान ऐप या वेबसाइट पर अपनी निजी जानकारी, बैंक खाते से संबंधित विवरण और ओटीपी साझा न करें। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर पैसे ट्रांसफर करने से भी बचें। केवल आकर्षक विज्ञापन या सोशल मीडिया पर किए गए दावों के आधार पर किसी सेवा को वास्तविक न मानें।
साइबर ठगी होने पर 1930 पर करें कॉल
एसटीएफ ने अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति इस तरह के संदिग्ध ऑफर के संपर्क में आता है तो सतर्कता बरते और बिना जांच-पड़ताल के कोई भुगतान न करे। साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें। इसके अलावा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। एसटीएफ ने लोगों से डिजिटल अनुशासन अपनाने और साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहने की अपील की है।
नवरात्र पर साइबर सुरक्षा के नौ मंत्र, डिजिटल सुरक्षा का संदेश दे रही एसटीएफ
‘साइबर जागरूकता 2.0’ अभियान के तहत मां दुर्गा के नौ स्वरूपों के संदेशों से लोगों को किया जा रहा जागरूक
देहरादून। नवरात्र में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना के साथ उत्तराखंड एसटीएफ साइबर अपराधों से बचाव के लिए लोगों को जागरूक कर रही है। ‘साइबर जागरूकता 2.0’ अभियान के तहत नवरात्र के प्रत्येक दिन मां के एक स्वरूप के संदेश को डिजिटल सुरक्षा से जोड़कर लोगों को ऑनलाइन ठगी, संदिग्ध लिंक और पासवर्ड चोरी जैसे खतरों से बचने के उपाय बताए जा रहे हैं।
अभियान के पहले दिन मां शैलपुत्री के संदेश को मजबूत पासवर्ड के महत्व से जोड़ा गया। एसटीएफ के अनुसार, जिस तरह मां शैलपुत्री को शक्ति का आधार माना जाता है, उसी तरह मजबूत पासवर्ड डिजिटल सुरक्षा की पहली ढाल है। लोगों को सलाह दी गई कि वे लंबे और अनोखे पासवर्ड बनाएं। पासवर्ड में नाम, जन्मतिथि जैसी आसानी से पता लगाई जा सकने वाली जानकारी का इस्तेमाल न करें। सभी ऑनलाइन खातों के लिए अलग-अलग पासवर्ड रखें और उन्हें किसी के साथ साझा न करें।
अभियान के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी के तप, संयम और अनुशासन के संदेश के माध्यम से ऑनलाइन ठगी से बचने की सीख दी गई। एसटीएफ ने लोगों को अनजान लिंक पर जल्दबाजी में क्लिक न करने और लॉटरी, आकर्षक छूट या कम समय में अधिक कमाई जैसे लालच में न आने की सलाह दी। किसी भी वित्तीय लेन-देन से पहले संबंधित व्यक्ति, वेबसाइट या ऑफर की विश्वसनीयता की जांच करने पर भी जोर दिया गया।
एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि साइबर ठग लोगों को लालच देकर, डराकर या जल्दबाजी में फैसला लेने के लिए मजबूर कर अपने जाल में फंसाने की कोशिश करते हैं। ऐसे में सतर्कता, जागरूकता और सोच-समझकर उठाया गया कदम साइबर ठगी से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने बताया कि अभियान के आगामी दिनों में भी मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों के संदेशों के माध्यम से डिजिटल सुरक्षा के उपाय साझा किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोग साइबर अपराधों के प्रति जागरूक हो सकें।



