टिहरी गढ़वाल। जिले के आवासीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने अधिकारियों को व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विद्यालयों में बच्चों को पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के साथ ही उनकी दैनिक जरूरतों का भी विशेष ध्यान रखा जाए।
मंगलवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जिले के सात कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों, पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय पौखाल और राजीव गांधी नवोदय विद्यालय देवलधार में उपलब्ध सुविधाओं और आवश्यकताओं की समीक्षा की गई। इस दौरान विद्यार्थियों की संख्या, शिक्षकों और अन्य कार्मिकों की उपलब्धता, पेयजल, छात्रावास, पुस्तकालय, भोजन और अन्य मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली गई।
जिलाधिकारी ने विद्यालयों के वार्डन और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि बच्चों को ऐसा शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाए, जिससे वे एकाग्रता के साथ पढ़ाई कर सकें और परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। उन्होंने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
आमपाटा में पेयजल संकट, टैंकर से हो रही आपूर्ति
बैठक में नरेंद्रनगर के आमपाटा स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में पेयजल की समस्या का मामला सामने आया। पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण विद्यालय में टैंकर से पानी की आपूर्ति की जा रही है, लेकिन इससे जरूरत पूरी नहीं हो पा रही है। जिलाधिकारी ने समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने पर जोर दिया। विद्यालय के अपग्रेडेशन के संबंध में बताया गया कि इसके लिए भूमि उपलब्ध है और प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है।
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में कार्मिकों की स्थिति की समीक्षा के दौरान बताया गया कि भिलंगना विकासखंड के अखोड़ी स्थित विद्यालय में वार्डन और प्रतापनगर स्थित विद्यालय में अकाउंटेंट का एक-एक पद रिक्त है। वहीं, हेड कुक, असिस्टेंट कुक और चौकीदार के सभी पद भरे हुए हैं।
विद्यालयों में जल्द उपलब्ध कराए जाएंगे कंप्यूटर
विद्यालयों में कंप्यूटर उपलब्ध कराने की मांग पर मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने आमपाटा, रौतू की बेली सहित अन्य संबंधित विद्यालयों में जल्द कंप्यूटर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि जिन विद्यालयों के पुस्तकालयों में किताबें उपलब्ध नहीं हैं, वे मुख्यालय से आवश्यक पुस्तकें प्राप्त करें, ताकि विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री की कमी न हो।
कुछ विद्यालयों में सोलर गीजर खराब होने की जानकारी पर जिलाधिकारी ने उरेडा को संबंधित विद्यालयों का निरीक्षण कर मरम्मत के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। जिन विद्यालयों में रोटी बनाने की मशीन की जरूरत है, उन्हें भी प्रस्ताव भेजने को कहा गया। प्रतापनगर के सुजाड़ गांव स्थित विद्यालय में फेंसिंग की आवश्यकता का मामला भी बैठक में उठाया गया।
बैठक में बताया गया कि विद्यालयों में आईसीटी कक्ष, पुस्तकालय, सीसीटीवी कैमरे, रूम हीटर, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, एलईडी टीवी, ओपन जिम, संगीत वाद्ययंत्र और वेंडिंग मशीन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।
नवोदय विद्यालयों में भी कई सुविधाओं की जरूरत
पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय पौखाल में 541 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इनमें 318 बालक और 223 बालिकाएं शामिल हैं। विद्यालय में शिक्षण संवर्ग के दो और गैर-शिक्षण संवर्ग का एक पद रिक्त है। बैठक में पेयजल की पर्याप्त आपूर्ति, खेल मैदान की मरम्मत, सोलर लाइट लगाने और पीआरडी कार्मिकों की तैनाती की जरूरत बताई गई।
वहीं, राजीव गांधी नवोदय विद्यालय देवलधार में 216 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इनमें 97 छात्र और 119 छात्राएं हैं। विद्यालय में बाउंड्री वॉल और मुख्य प्रवेश द्वार के निर्माण के साथ ही छात्रावास में बेड, स्टडी टेबल और कुर्सियों की कमी का मामला भी उठाया गया। बैठक में विद्यार्थियों को दिए जाने वाले भोजन के मेन्यू की जानकारी भी साझा की गई।
स्वास्थ्य और साफ-सफाई पर विशेष जोर
जिलाधिकारी ने सभी आवासीय विद्यालयों में निकटतम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के प्रभारी अधिकारियों के संपर्क नंबर उपलब्ध रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता के लिए संपर्क व्यवस्था दुरुस्त होनी चाहिए। साथ ही विद्यार्थियों के लिए जरूरी आपातकालीन दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने भोजन कक्ष और डाइनिंग हॉल में साफ-सफाई बनाए रखने तथा भोजन व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। जिन विद्यालयों में बेडशीट, कंबल और अन्य जरूरी सामग्री की कमी है, उन्हें तत्काल इसकी जानकारी उपलब्ध कराने को कहा, ताकि समय पर आवश्यक सामग्री की व्यवस्था की जा सके।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल, आईएएस प्रशिक्षु ज्योति, मुख्य शिक्षा अधिकारी कमला बड़वाल सहित विभिन्न विद्यालयों के वार्डन और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।



