
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रवक्ता शान्ति प्रसाद भट्ट ने कहा कि “पवित्र चारधाम यात्रा के कपाट खुलने में अब मात्र एक माह शेष रह गया है, किंतु राज्य सरकार की तैयारियां पूरी तरह शून्य दिखाई दे रही हैं, ऐसा प्रतीत होता है,सरकार यात्रा की तैयारियों से अधिक चुनावो की तैयारी में है,
उन्होंने कहा कि पवित्र चारधामों में
मां यमुनोत्री जी एवं मां गंगोत्री जी के कपाट अक्षय तृतीया के पावन पर्व,दिनांक 19 अप्रैल 2026 को,बाबा केदारनाथ जी के कपाट 22 अप्रैल 2026 को, तथाभगवान बद्रीविशाल जी के कपाट 23 अप्रैल 2026 को खुलने जा रहे हैं।
इसके बावजूद धामी सरकार मंत्रिमंडल विस्तार, दायित्वधारियों की नियुक्ति, चुनावों सहित आपसी कलह में उलझी हुई है, जिसके कारण चारधाम यात्रा मार्गों पर विगत वर्षों की आपदा से जमा मलवा तक साफ नहीं किया जा सका है। ऋषिकेश से लेकर टिहरी तक, ऋषीकेश से लेकर बद्रीनाथ तक, ऋषिकेश से लेकर गंगोत्री, यमनोत्री तक जगह जगह सड़को पर मलवा भरा पड़ा है, जो हटाया नहीं गया है, अब मात्र एक माह में कैसे सड़के सुगम यात्रा के लिए सुचारू होंगी यह यक्ष प्रश्न है?
प्रदेश प्रवक्ता शान्ति प्रसाद भट्ट ने कहा कि
यात्रा मार्गों में सड़कों की स्थिति अत्यंत दयनीय बनी हुई है,
स्वास्थ्य सेवाएं चरमराई हुई हैं,
घोड़ा-खच्चर संचालकों एवं हक-हकूकधारियों से कोई ठोस संवाद नहीं हो रहा है, बीकेटीसी अपने अंदरूनी झगड़ों में उलझी पड़ी है, यात्रा शुरू होने से ठीक पहले बीकेटीसी के अध्यक्ष का बयान गैर संवैधानिक होने के साथ साथ अपनी और सरकारी की यात्रा तैयारियों की नाकामी छुपाने वाला बयान है।
यात्रियों की सुरक्षा एवं सुविधाओं को लेकर कोई ठोस योजना सामने नहीं आई है।
उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। ऐसे में सरकार की यह लापरवाही अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है।
प्रदेश कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि तत्काल युद्धस्तर पर तैयारियां सुनिश्चित की जाएं, यात्रा मार्गों को सुरक्षित एवं सुगम बनाया जाए तथा सभी संबंधित हितधारकों के साथ समन्वय स्थापित कर श्रद्धालुओं के लिए समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।



