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दफ्तर स्थानांतरित हुआ तो प्रतापनगर में होगा बड़ा आंदोलन

Ramesh Kuriyal
3 Min Read

डोबरा चांठी पुल निर्माण की कार्यदाई संस्था पीआईओ निर्माण खंड को यथावत रखने के लिए करेंगे महापंचायत
देहरादून। डोबरा चांठी पुल निर्माण की कार्यदाई संस्था पीआईओ निर्माण खंड नई टिहरी को चमोली के जोशीमठ स्थानांतरित करने पर जनता में गहरी नाराजगी है।

क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने पिछले स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत तथा प्रतापनगर के विधायक विजय पवार एवं टिहरी के विधायक धन सिंह नेगी को ज्ञापन दिया। दो सप्ताह बीतने के बाद भी इस दिशा में कार्रवाई हीं होने पर अब लोग बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं।

क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों का कहना है कि निर्माण खंड नई टिहरी ने टिहरी बांध की विशाल झील पर दो भारी वाहन पुल और तीन झूला पुल का निर्माण किया है। साथ ही टिहरी बांध के विस्थापितों का भी पुनर्वास किया है। ऐसे समय में जब विदेशी तकनीकी के सहयोग सेडोबरा चांठी भारी वाहन झूला पुल निर्मित किया गया है तो शासन पीआईओ निर्माण खंड नई टिहरी को जोशीमठअस्तांतरित कर रहा है। कहा कि इस कार्यालय को जनहित एवं पुलों के रखरखाव को लेकर नई टिहरी से स्थ्ज्ञानातंरित करना कतई अनुचित है।

इस संबंध में प्रदेश के मुखिया पुष्कर सिंह धामी को भी ज्ञापन दिया गया। जनप्रतिनिधियों को आरोप है कि भाजपा सरकार टिहरी और प्रतापनगर की जनता के साथ छलावा कर रही है। उनका कहना है कि बेहतर तो यह होता कि इस निर्माण खंड को डोबरा या प्रताप नगर में स्थापित किया जातस ताकि यह खंड डोबरा चांठी पुल के साथ प्रताप नगर विधानसभा की सडकों का रखरखाव कर सके। कहा कि टिहरी झील विकास पर्यटन के कार्य भी इसी खंड को दिया जाए। ज्ञापन देने वाले प्रमुख लोगों मे वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मुरारी लाल खंडवाल, प्रताप नगर प्रमुख प्रदीप रमोमा, पूर्व जिला पंचायत सदस्य आनंद रावत ,पुरुषोत्तम थलवाल, रोशन नौटियाल,होशियार सिंह रावत सहित कई लोग सम्मिलित थे ।

दूसरी ओर इस संबंध में देहरादून में नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह के नेतृत्व में पूर्व विधायक विक्रम सिंह नेगी और गंगोत्री के पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण ने भी मुख्यमंत्री को मिलकर ज्ञापन देकर विरोध किया । कांग्रेस नेता ख्ंडवाल ने कहा कि इस कार्यालय को यथावत नहीं रखा तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इसके लिए प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों, जिला पंचायत सदस्यों सहित तमाम जागरूक लोगों की पंचायत बुलाकर आंदोलन की रूपरेखा बनाई जाएगी।

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