उत्तराखंड

पुलिस की विवेचना करी निरस्त, फिर से करे जाँच

अल्मोड़ा। न्यायिक मजिस्ट्रेट अल्मोड़ा सुभांगी गुप्ता ने आनंदी वर्मा बनाम सज्जन लाल टम्टा में पुलिस द्वारा पेश की गई फाइनल रिपोर्ट को निरस्त कर पुलिस को पुनः स्पष्ट रूप से विवेचना करने के आदेश दिए। डोबानोला नरसिंह बाड़ी, अल्मोड़ा निवासी उपपा नेत्री श्रीमती आनंदी वर्मा (75) ने दिसंबर माह में अपने खेत में विद्युत पोल से तार डालकर हो रही चोरी को लेकर बिजली विभाग को सूचित किया था जिसके फोटोग्राफ उनके पास थे, विधुत विभाग के कर्मचारियों के आने पर अभी भी सज्जन लाल टम्टा ने उत्तेजित होकर आनंदी वर्मा को गाली गलौज व अपशब्द कहते हुए सार्वजनिक रूप से अपमानित किया था जिसकी रिपोर्ट उन्होंने पहले कोतवाली अल्मोड़ा में और बाद में न्यायालय में प्रस्तुत की थी।

न्यायालय के आदेश पर हुई पुलिस जांच में विवेचना अधिकारी ने सबूत न मिलने के आधार पर मामले में अंतिम जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की थी जिस पर कड़ी आपत्ति करते हुए रिपोर्टर श्रीमती आनंदी वर्मा ने रिपोर्ट को पक्षपात पूर्ण एवं प्रभावशाली अभियुक्तों के प्रभाव में करने का आरोप पुलिस पर लगाया और कहा की तमाम परिस्थिति जन्य साक्ष अभियुक्त के खिलाफ हैं। इस मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट सुभांगी गुप्ता ने रिपोर्टर आनंदी वर्मा की आपत्ति को स्वीकार करते हुए पुलिस की अंतिम जांच रिपोर्ट निरस्त करते हुए अग्रिम विवेचना करने के आदेश दिए हैं।

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