…..यहाँ भी हुई प्रतापनगर की उपेक्षा

Ramesh Kuriyal
3 Min Read
टिहरी झील के समग्र विकास के लिए बनाई गयी कार्य परियाेजनाआें मे प्रतापनगर क्षेञ के कई स्थलाें एंव गांवाें की अनदेखी की गयी है जाे कि टिहरी जैसे विशालकाय बांध के लिए अपनी सुख सुविधाआें की कुर्बानी देने वाले बांध प्रभावित प्रतापनगर क्षेञ की जनता के साथ अन्याय है यह बात ब्लाक प्रमुख प्रदीप चंद रमाेला ने लंबगांव मे पत्रकारो से बातचीत मे कही                  मंगलवार काे लंबगांव मे ब्लाक प्रमुख प्रदीप रमाेला द्वारा  आयाेजित पञकार वार्ता के दाैरान प्रमुख रमाेला ने कहा कि झील के समग्र विकास के लिए शासन के निर्देशानुसार पर्यटन विभाग द्वारा बनायी कार्ययाेजना मे झील से सटे प्रतापनगर क्षेञ के चांटी , नकाेट, सांदणा, राैलाकाेट आदि गांवाें सहित कई पर्यटक स्थलाें काे सम्मिलत नही किया गया जिन्हाेने टिहरी बांध के लिए अपने खेत खलिहान ,शिक्षा ,स्वास्थ्य एंव सडकाें सहित अपनी दैनिक सुख सुविधाआें की कुर्बानी दी है  उन्हाेने कहा कि अच्छा हाेता कि प्रतापनगर क्षेञ के पर्यटक स्थल खैट ,पीडी पर्वत ,सेम नागराजा धाम मुखेम ,केमुडाखाल, प्रतापनगर, सहित क्षेञ के विभिन्न धार्मिक स्थलाें एंव झील से सटे गांवाें के विकास काे केंद्र मे रखकर परियाेजनाआें काे तैयार किया जाता लेकिन परियाेजनाआें मे इन्हे अनदेखा किया गया है  उन्हाेने पर्यटन विभाग से झील के समग्र विकास के लिए बनायी गयी कार्ययाेजना मे झील से सटे नकाेट, सेम , चांटी ,राैलाकाेट आदि गांवाें काे हाेम स्टे व अन्य गितिविधियाें मे सम्मिलत करने , झील से सटी प्रतापनगर की बंजर भूमि काे फूलाें की घाटी के रूप मे विकसित करने, प्रतापनगर स्थित राजमहल काे  संग्राहलय के रूप मे परियाेजना मे शामिल करने, डाेबरा से सांदणा एंव डाेबरा से माेटणा माेटर मार्ग काे पर्यटन मार्ग के रूप मे विकसित करने, भामेश्वर मंदिर काे विकसित करने एंव प्रतापनगर मे पर्यटकाें के लिए व्यू प्वाइंट व पार्किग निर्माण करने की मांग की है उन्हाेने कहा कि यदि प्रतापनगर क्षेञ के विकास सहायक उक्त याेजनाआें काे परियाेजना मे सम्मिलत नही किया गया ताे क्षेञ की जनता काे मजबूरन अपने हकाें की लडाई के लिए सडक से लेकर सदन तक लडाई लडने काे मजबूर हाेना पडेगा।
Share This Article
Leave a Comment