Ad image

सफाई कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान का खाका तैयार

Ramesh Kuriyal
4 Min Read

देहरादून। उत्तराखंड सफाई कर्मचारी आयोग की पहल पर प्रदेश के सफाई कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं के समाधान को लेकर बुधवार को पंचायती राज निदेशालय, आईटी पार्क में बैठक हुई। सचिव शहरी विकास नितेश कुमार झा की अध्यक्षता में हुई बैठक में सफाई कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों, आयोग के सदस्यों, नगर निकायों के आयुक्तों और संबंधित विभागों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

आयोग के उपाध्यक्ष (राज्यमंत्री) भगवत प्रसाद मकवाना ने शहरी क्षेत्रों में बढ़ती आबादी और विस्तारित क्षेत्रफल के अनुसार पर्यावरण मित्रों और पर्यवेक्षकों के नए स्थायी पद सृजित करने की मांग उठाई। उन्होंने समाप्त किए गए पदों को बहाल करने और नगर निगम, नगर पालिका परिषद व नगर पंचायतों में रिक्त पदों पर जल्द भर्ती कराने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि मोहल्ला स्वच्छता समितियों और आउटसोर्स के माध्यम से कार्यरत सफाई कर्मचारियों को उपनल कार्मिकों की तर्ज पर समान वेतन दिया जाए। दैनिक वेतन, कार्यप्रभारित, संविदा, नियत वेतन, अंशकालिक और तदर्थ कर्मचारियों में से विनियमितीकरण नियमावली-2025 के तहत 10 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों को नियमित करने की मांग भी रखी गई।

ठेकेदारी प्रथा खत्म करने की मांग

मकवाना ने सफाई कार्य में ठेकेदारी प्रथा समाप्त करने, मयूर विहार में वाल्मीकि छात्रावास एवं प्रशिक्षण केंद्र के लिए भूमि आवंटित करने और नमस्ते योजना के तहत सीवर व सेप्टिक टैंक की सफाई में लगे कर्मचारियों का पंजीकरण कराने की मांग की। इसके अलावा सफाई कर्मचारियों के लिए कल्याण कोष की स्थापना, भूमि व आवास, कैशलेस उपचार और राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के स्थायी पदों का ढांचा स्वीकृत करने की मांग भी उठाई गई।

वेतन वृद्धि की दिशा में होगा काम

सचिव शहरी विकास नितेश कुमार झा ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। पद सृजन समेत शासन स्तर से जुड़े मामलों को शासन के संज्ञान में लाया जाएगा। सफाई कर्मचारियों के वेतन बैंड को एक इंडेक्स से जोड़कर अन्य कार्मिकों की तरह वेतन वृद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया जाएगा।

उन्होंने नगर आयुक्तों को आउटसोर्स कर्मचारियों को निर्धारित मानकों के अनुसार वेतन देने के निर्देश दिए। साथ ही सफाई कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने और उपकरणों की कमी होने पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा।

तीन माह में गोल्डन कार्ड बनाने के निर्देश

सचिव ने प्रत्येक सफाई कर्मचारी को ईएसआई और पीएफ का लाभ दिलाने के लिए तत्काल समिति गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निजी भूमि वाले सफाई कर्मचारियों को प्रधानमंत्री आवास योजना में प्राथमिकता देने और भवन निर्माण कर आवास उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर भी विचार किया जाएगा।

नगर निकायों के आयुक्तों को सभी सफाई कर्मचारियों के गोल्डन कार्ड बनाने के लिए अगले तीन माह में विशेष शिविर लगाने के निर्देश दिए गए। प्रत्येक कर्मचारी का साल में कम से कम एक बार संपूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण कराने और बीमारी मिलने पर समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराने को भी कहा गया। बैठक में सफाई कर्मचारियों के लिए जल्द कल्याण कोष स्थापित करने की बात भी कही गई।

बैठक में विभिन्न सफाई कर्मचारी संगठनों के अध्यक्ष और महामंत्रियों ने कर्मचारियों से जुड़ी समस्याएं और मांगें रखीं। अधिकारियों ने सभी बिंदुओं पर चर्चा कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

Share This Article
Leave a Comment