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मणिकर्णिका घाट में स्नान का विशेष महत्व

Ramesh Kuriyal
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उत्तरकाशी मां गंगोत्री यमुनोत्री के दर्शन करने के लिए सैकड़ों यात्री नित्या आते जाते हैं गंगोत्री का मुख्य पड़ाव धार्मिक नगरी उत्तरकाशी में ही सैकड़ों यात्री भगवान काशी विश्वनाथ के दर्शन करते हैं साथ ही प्रसिद्ध मणिकर्णिका घाट का विशेष महत्व है इस घाट पर भी लोग दान पुण्य तर्पण करने के लिए आते हैं मां गंगा के दर्शन वह गंगा मंदिर में पूजा अर्चना करते हैं उत्तरकाशी नगर के अजय प्रकाश बड़ोला अध्यक्ष उत्तरकाशी मन्दिर जीणोद्धार समिति ने बताया की शिव नगरी उत्तरकाशी में बहुत से प्राचीन पौराणिक मंदिरों के दर्शन का भी विशेष महत्व है सिद्ध पीठ काशी विश्वनाथ मंदिर शक्ति मंदिर परशुराम मंदिर भैरव मंदिर कालेश्वर महादेव मंदिर सहित दर्जनों मन्दिर है मणिकर्णिका घाट पर गंगास्थान का विशेष महत्व है इस घाट पर देव डोलियां स्थान करती है नित्य सायं गंगा जी की विशेष आरती होती है मन्दिर के मुख्य पुजारी ईनदुशेखर नोटियाल ने बताया कि जो लोग पहले गंगोत्री नहीं जा सकते थे वो यही पर दर्शन पूजन करते व गंगा जल ले जाते थे आज भी यहां पर गंगोत्री जाने से पहले लोग गंगा तट पूजन करते हैं गंगा सप्तमी पर विशेष पुजन महाआरती गायत्री दीप यज्ञ का आयोजन किया गया व मां गंगा को स्वच्छ सुन्दर निर्मल रखने के लिए गायत्री परिवार के निर्मल गंगा जन अभियान के चन्द प्रकाश बहुगुणा ने सभी को कहा व गंगा जल में घरों का कूड़ा न डालें मां गंगा जी को दर्शन पूजन करें प आशीष भट्ट दुर्गेश खंडूरी रमेश मिश्रा वहीं शिव नगरी उत्तरकाशी में पंजाब सिंध क्षेत्र में भी गंगा सप्तमी के अवसर पर पूजन आरती का आयोजन किया गया विजय भट्ट चन्द्रशेखर भट्ट उमेश बहुगुणा प्रताप सिंह विष्ट प्रदीप
अर्चना रतुडी निर्मला डबराल राम सेवा दल उत्तर काशी के लोगों ने भी गंगा सप्तमी को मां गंगा पूजन किया व गंगा को स्वच्छ सुन्दर निर्मल रखने का संकल्प लिया

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