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टीएमयू ने एनआईआरएफ की इन्नोवेशन रैंकिंग में मारी बाजी

Ramesh Kuriyal
3 Min Read

देहरादून : तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी का एनआईआरएफ की रैंकिंग सूची-2023 में उत्कृष्ट प्रदर्शन रहा है। रैंकिंग की इन्नोवेशन्स कैटेगरी में टीएमयू ने बाजी मारी है। यूनिवर्सिटी ने देश की टॉप 100 प्राइवेट और सरकारी यूनिवर्सिटीज़ में स्थान पाया है। नतीजतन, टीएमयू के स्टुडेंट्स के लिए यह शिक्षा मंत्रालय का अनमोल तोहफा है। स्टुडेंट्स को न केवल बेस्ट प्लेसमेंट मिलेगा, बल्कि दाखिले को लेकर भी छात्र-छात्राओं के लिए पसंदीदा यूनिवर्सिटी हो जाएगी।

 

कुलाधिपति सुरेश जैन, जीवीसी मनीष जैन और एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर अक्षत जैन के संग-संग वीसी प्रो. रघुवीर सिंह ने इस बड़ी उपलब्धि को मील का पत्थर बताते हुए कहा, टीएमयू को अब न केवल वैश्विक पहचान मिलेगी, बल्कि नवाचार के भी नए अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा, इस सम्मान के असल हकदार यूनिवर्सिटी के छात्र और फैकल्टी हैं।

 

इन उपलब्धियों के बूते मिली रैंकिंग-
इन्नोवेशन्स एंड एंटरप्रिन्योरशिप माइंडसेट डवलपमेंट, टीचिंग एंड लर्निंग, इंफ्रास्ट्रक्चर एंड फैसल्टीज़, इन्नोवेशन्स डवलपमेंट, स्टार्ट अप्स एस्टीबिल्शिड, कॉलेबोरेशन, इंटेलेक्चुअल प्रोपर्टीज़ कमर्शिलाइजेशन आदि के बूते तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी का एनआईआरएफ की इन्नोवेशन कैटेगरी में उत्कृष्ट प्रदर्शन रहा है। टीएमयू शोध के प्रति बेहद संजीदा है। इसीलिए यूनिवर्सिटी ने सीएसआईआर की ऑल इंडिया सूची में 316 पेटेंट्स के संग छठे पायदान पर रही। अब तक 372 पेटेंट्स के लिए फाइलिंग हो चुकी है। रजिस्ट्रार डॉ. आदित्य शर्मा कहते हैं, यूनिवर्सिटी फैकल्टी को रिसर्च और पेटेंट्स के लिए वित्तीय इंनसेंटिव प्रोवाइड करने के संग-संग उम्दा रिसर्च की खातिर उन्हें नई तकनीक का प्रशिक्षण भी देती है। एकेडमिक्स डीन प्रो. मंजुला जैन कहती हैं, केन्द्र सरकार का स्लोगन- जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान और जय अनुसंधान है। टीएमयू भी शोध संस्कृति को बढ़ावा देने के प्रति समर्पित है।

 

नेशनल इंस्टीट्यूट रैंकिंग फ्रेमवर्क क्या है?
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से हर साल एनआईआरएफ- नेशनल इंस्टीट्यूट रैंकिंग फ्रेमवर्क के तहत रैंकिंग जारी की जाती है। इसमें देश के शीर्ष विश्वविद्यालयों और कॉलेजों की लिस्ट होती है। यह लिस्ट अलग-अलग कैटेगरी और सब्जेक्ट्स के आधार पर भी विभाजित होती है। जैसे- इंजीनियरिंग, मेडिकल, फार्मेसी, लॉ, मैनेजमेंट आदि। एनआईआरएफ रैंकिंग की शुरुआत 2015 में हुई थी। इस साल एनआईआरएफ का 8वां संस्करण है। उल्लेखनीय है, 2015 में सिर्फ 4 कैटेगरी- यूनिवर्सिटी, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट और फार्मेसी की रैंकिंग जारी होती थी। रिसर्च को पहली बार 2021 में जोड़ा गया। इस बार एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटीज एवम् इन्नोवेशन को भी रैंकिंग की लिस्ट में शामिल किया गया है। रैंकिंग की अब कुल 13 श्रेणियां हो गई हैं।

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