उत्तरकाशी। वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी एवं राष्ट्रीय उत्तराखंड पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष स्वर्गीय नवनीत सिंह गुसाईं को बुधवार को उत्तरकाशी के मणिकर्णिका घाट पर भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। चिन्हित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति के केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. विजेंद्र पोखरियाल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में आंदोलनकारी और स्थानीय लोग मां गंगा के तट पर एकत्र हुए और नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।
श्रद्धांजलि सभा की शुरुआत स्वर्गीय गुसाईं के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद मां गंगा की अविरल धारा में धूप-दीप प्रवाहित किए गए। गंगा मंदिर के पुजारी रमेश मिश्रा के वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच उपस्थित लोगों ने पांच मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
इस अवसर पर डॉ. विजेंद्र पोखरियाल ने कहा कि स्वर्गीय नवनीत सिंह गुसाईं के निधन से करीब दो घंटे पहले उनकी फोन पर बातचीत हुई थी। बातचीत के दौरान उन्होंने उत्तराखंड के विकास और भविष्य को लेकर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की थी। डॉ. पोखरियाल ने कहा कि राज्य आंदोलन के साथी लगातार बिछड़ते जा रहे हैं और नई पीढ़ी में आंदोलन की भावना को जीवित रखना आज सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। उन्होंने कहा कि नवनीत सिंह गुसाईं का संघर्ष और योगदान हमेशा इतिहास में याद रखा जाएगा।
जिला अध्यक्ष प्रताप सिंह चौहान ने कहा कि नवनीत सिंह गुसाईं के निधन से पूरे उत्तराखंड ने एक समर्पित और मजबूत नेतृत्व खो दिया है। वहीं गंगा घाटी अध्यक्ष विजयपाल सिंह राणा ने कहा कि देहरादून प्रवास के दौरान नवनीत सिंह गुसाईं से मिलने और उनके विचार सुनने का अवसर हमेशा प्रेरणादायी रहा। उनके नहीं रहने से आंदोलन को अपूरणीय क्षति हुई है।
जिला उपाध्यक्ष संतोष सेमवाल ने कहा कि उत्तराखंड के लिए संघर्ष करने वाले समर्पित आंदोलनकारी लगातार साथ छोड़ रहे हैं, जिससे राज्य आंदोलन की विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी और बढ़ गई है।
श्रद्धांजलि सभा में जिला सचिव रामलाल नेगी, धर्म सिंह असवाल, यशवंत सिंह रावत, मोहनानंद बिजल्वाण, लखीराम नौटियाल, खुशहाल बिष्ट, गढ़वाल मंडल अध्यक्ष कृतिनिधि सजवान, तेग सिंह राणा, मूलचंद सिंह पंवार, जगदीश प्रसाद भट्ट सहित बड़ी संख्या में राज्य आंदोलनकारी और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। सभी ने दिवंगत नेता को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।



