
मुरादाबाद। Teerthanker Mahaveer University के सेंटर फॉर टीचिंग, लर्निंग एंड डेवलपमेंट (सीटीएलडी) की ओर से “सस्टेनेबल फ्यूचर्स: नेविगेटिंग एथिकल एंड एनवायरनमेंटल डिलेमा” विषय पर आयोजित प्रथम अंतर-विश्वविद्यालय केस स्टडी प्रतियोगिता ‘क्रॉसरोड्स 5.0’ में मेरठ की टीम विक्ट्री वाइपर्स ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
देवान वीएस इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, मेरठ के बीटेक छात्र- कृतिका तेवतिया, अर्पिता राजपूत और अकमल खान की टीम ने उत्कृष्ट प्रस्तुति देकर विजेता ट्रॉफी अपने नाम की।
संयुक्त रूप से द्वितीय स्थान
टीएमयू के कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (बीटेक-ईई) के छात्र अंश शर्मा, कनिष्का और रिया जैन की टीम ‘नेक्सस आर्किटेक्ट’ तथा मुरादाबाद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के छात्र आदित्य पनेरू, श्रेया सिंह और चंद्र प्रकाश जोशी की टीम ‘सस्टेन एक्स’ ने समान अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से द्वितीय स्थान हासिल किया।
टीएमयू के टिमिट कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट के एमबीए छात्र खुशी जैन, संस्कार जैन और गुनगुन कात्याल की टीम ‘डिसिजन आर्किटेक्ट्स’ तीसरे स्थान पर रही।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ
नर्सिंग बिल्डिंग के फिजियोथेरेपी लेक्चर थिएटर में मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में कॉलेज ऑफ लॉ एंड लीगल स्टडीज के डीन प्रो. हरबंश दीक्षित मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। डेंटल एवं एलाइड हेल्थ साइंसेज की निदेशक गवर्नेंस श्रीमती नीलिमा जैन, लॉ कॉलेज के प्राचार्य प्रो. एसके सिंह और सीटीएलडी के निदेशक प्रो. पंकज कुमार सिंह सहित अनेक गणमान्यजन मौजूद रहे। अंत में विजेताओं को ट्रॉफी और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।
युवाओं को नैतिकता और सतत विकास की समझ जरूरी
मुख्य अतिथि प्रो. हरबंश दीक्षित ने कहा कि आज के युवा पेशेवरों को तकनीकी दक्षता के साथ-साथ नैतिकता और सतत विकास की गहरी समझ विकसित करनी होगी। ऐसे मंच विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं।
श्रीमती नीलिमा जैन ने प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि जटिल समस्याओं पर संतुलित और जिम्मेदार दृष्टिकोण भविष्य के नेतृत्व की सकारात्मक झलक देता है।
सीटीएलडी के निदेशक प्रो. पंकज कुमार सिंह ने बताया कि अनुभवात्मक अधिगम और रोजगारोन्मुख कौशलों को बढ़ावा देना संस्थान का उद्देश्य है, और ‘क्रॉसरोड्स 5.0’ इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
99 टीमों ने कराया पंजीकरण
प्रतियोगिता के प्रारंभिक चरण में देशभर से 99 टीमों ने पंजीकरण कराया था। कठोर मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद 13 श्रेष्ठ टीमों को फाइनल राउंड के लिए चुना गया। प्रतिभागियों ने समकालीन सामाजिक, पर्यावरणीय और व्यावसायिक चुनौतियों पर आधारित केस स्टडी प्रस्तुत कर नवाचार, विश्लेषणात्मक सोच और नैतिक निर्णय क्षमता का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का संचालन सीटीएलडी की सीनियर सॉफ्ट स्किल्स ट्रेनर श्रीमती मणि सारस्वत ने किया। निर्णायक मंडल में श्रीमती नीलिमा जैन और प्रो. पंकज कुमार सिंह शामिल रहे।
प्रतियोगिता में टीएमयू के विभिन्न कॉलेजों सहित अन्य विश्वविद्यालयों और संस्थानों की टीमों ने भी प्रभावशाली प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।




